फाइलों की जांच करते यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह। अमर उजाला
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ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण के सीईओ अरुणवीर सिंह ने बृहस्पतिवार को कार्यालय के अलग-अलग विभागों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान 28 कर्मचारी अनुपस्थित मिले तो उनका वेतन काटने के आदेश दिए गए। वहीं, सीईओ ने अलग-अलग विभागों की पेंडिंग फाइलें भी मंगाईं। इनमें अनियमितताएं मिलने पर सीईओ ने जांच के बाद फाइलें दबाकर रखने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों पर कार्रवाई की बात कही।
सीईओ ने बताया कि उन्होंने प्राधिकरण के परियोजना, संपत्ति, विधि, वित्त, कार्मिक, मार्केटिंग, सीआर सेल, भूलेख और नियोजन विभाग का निरीक्षण किया। यहां 28 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इन सभी के वेतन काटने के आदेश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों की फाइलों की जांच की तो चौंकाने वाले मामले सामने आए। कई मामलों की फाइलें कर्मचारियों ने दबा रखीं थीं। ऐसे कर्मचारियों की जांच के बाद निलंबन और बर्खास्तगी की कार्रवाई होगी।
इन मामलों में पाई गईं अनियमितताएं
सीईओ का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर कई अनियमितताएं पाई गईं हैं। लीज प्लान अलमारियों में रखे हैं और सभी का काम नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा दाखिल खारिज के कई प्रकरणों के लंबित होने की बात पता चली। इसमें एक ही गांव के 84 प्रकरण मिले। ढाई साल से खसरा नंबर की फाइल ढूंढी जा रही है। आच्छेपुर का सात प्रतिशत का आवंटन एक साल से नहीं हुआ है, जबकि सीईओ स्तर पर पहले ही हरी झंडी दी जा चुकी है। बैंकों का मामला भी लंबित है। पता परिवर्तन, म्यूटेेशन, वारिसान की फाइलें पेंडिंग हैं। रजिस्ट्री समेत कई अन्य अनियमितताएं पाई गई हैं। अब इन मामलों में बिंदुवार जांच कर कार्रवाई होगी।