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सीईओ साहब, दूषित जलापूर्ति से कब मिलेगी मुक्ति

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हेडिंग: सीईओ साहब, दूषित जलापूर्ति से कब मिलेगी मुक्ति
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सबहेड: उद्योग सहायक समिति की बैठक में उद्यमी संगठनों ने उठाई समस्याएं
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। औद्योगिक सेक्टरों में दूषित जलापूर्ति का मामला बुधवार को एक बार फिर गरमा गया। सेक्टर-6 स्थित इंदिरा गांधी कला केंद्र में आयोजित उद्योग सहायक समिति की बैठक में गंदे पानी से भरी बोतलें लेकर पहुंचे उद्यमियों ने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ आलोक टंडन के सामने इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया।
बैठक की शुरुआत में नोएडा एंटरप्रिनियोर्स एसोसिएशन (एनईए) के सदस्यों ने औद्योगिक सेक्टरों में आपूर्ति हो रहे गंदे पानी से भरी बोतलें अधिकारियों को दिखाईं। उद्यमियों का कहना था कि पानी का शुल्क बढ़ाने के बाद भी गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ है। वहीं, एनईए अध्यक्ष विपिन मल्हन ने गैर उद्यमियों के बैठक में पहुंचने पर आपत्ति जताई, जिसका सभी उद्यमियों ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि बैठक में ऐसे लोगों को शामिल न किया जाए जो उद्यमी संगठन के नाम पर अपने हित साध रहे हैं। बैठक की अध्यक्षता कर रहे सीईओ आलोक टंडन ने इस मामले को संज्ञान में लेने की बात कही। एनईए की तरफ से सेक्टर-9 व 10 में चल रहीं गतिविधियों को नियमित करने की मांग करते हुए इसे रॉ मैटेरियल की मार्केट के रूप में विकसित करने की मांग उठाई।
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बैठक में उद्यमी संगठनों ने हर महीने समिति की बैठक कराने, बोर्ड बैठक में उद्यमी संगठनों का प्रतिनिधि शामिल करने, पुराने सेक्टरों से अतिक्रमण हटाए जाने, फेस-3 के सेक्टरों की सड़कों की मरम्मत कराने और बिजली कटौती से राहत दिलाने की मांग उठाई। महिला उद्यमी संस्थान की मांग पर शिल्प हाट में डिस्प्ले सेंटर विकसित करने की योजना पर विचार करने का आश्वासन दिया गया। इस मौके पर एसीईओ आरके मिश्र, आईआईए नोएडा चैप्टर के चेयरमैन कुलदीप गोयल, लघु उद्योग भारती की अध्यक्ष मंजुला मिश्रा, एमएसएमई इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र नाहटा, फेडरेशन ऑफ नोएडा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष तरुण भारद्वाज, महिला उद्यमी संगठन, महिला उद्यमी संस्थान सहित अन्य उद्यमी संगठनों के प्रतिनिधि व प्राधिकरण के अधिकारी मौजूद रहे।
कब्जा नहीं तो लीज रेंट क्यों दें
उद्यमियों ने कहा कि बड़ी समस्या लीज रेंट को लेकर है। प्राधिकरण सेक्टर को विकसित करने से पहले ही आवंटन के आधार पर उद्यमियों पर लीज रेंट का बोझ बढ़ा देता है। जब तक कब्जा नहीं मिलता तब तक लीज रेंट उद्यमी क्यों दें। उद्यमियों की तरफ से 2.5 फीसदी लीज रेंट को अधिक बताते हुए इसे 1 प्रतिशत करने की मांग उठाई।
तो कैसे मिलेगा जीएसटी रिफंड
समिति की बैठक में अधिकांश उद्यमियों ने जीएसटी रिफंड का मामला उठाया। एनईए अध्यक्ष विपिन मल्हन ने कहा कि प्राधिकरण उद्यमियों से जीएसटी तो वसूली रहा है, लेकिन उद्यमियों को रिफंड का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसकी वजह प्राधिकरण की तरफ से चालान जनरेट न किया जाना है। जब तक चालान नंबर नहीं मिलेगा, तब तक उद्यमी रिफंड के लिए आवेदन कैसे करेंगे। बैठक में मौजूद उद्यमियों ने कहा कि प्राधिकरण जीएसटी वसूलकर आगे जमा नहीं करा रहा है।
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प्राधिकरण ने दिया आश्वासन
प्राधिकरण के सीईओ आलोक टंडन व एसीईओ आरके मिश्र ने बताया कि दूषित जलापूर्ति से निपटने के लिए पुरानी लाइनों को बदला जा रहा है। औद्योगिक सेक्टरों में मेकेनिकल स्वीपिंग मशीनों से सफाई की व्यवस्था लागू की जा रही है। बिजली कटौती से राहत के लिए प्राधिकरण नई लाइनों व सब स्टेशनों का निर्माण करा रहा है। औद्योगिक सेक्टरों को डस्ट फ्री जोन बनाया जा रहा है।
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