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190 अस्पतालों, क्लीनिकों का लाइसेंस हो सकता है निलंबित

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190 अस्पतालों-क्लीनिकों का लाइसेंस हो सकता है निलंबित
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नोएडा। कोरोना नियंत्रण पर लापरवाही बरतने वाले निजी अस्पतालों व क्लीनिक के खिलाफ शासन ने सख्त रुख अपनाया है। कोरोना टीकाकरण के संबंध में सीएमओ कार्यालय को अपने चिकित्सक और स्टाफ का अगले 48 घंटे में डाटा नहीं देने वाले निजी अस्पतालों व क्लीनिकों का लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा। जिले में ऐसे 190 अस्पताल मिले हैं, जिन्होंने डाटा देने संबंधी आदेशों की अनदेखी कर रखी है। विशेष बात यह है कि भविष्य में शासन के अग्रिम आदेशों तक इन अस्पतालों का लाइसेंस बहाल नहीं होगा।
जिले में निजी अस्पतालों व क्लीनिकों की संख्या 470 है। कोरोना वैक्सीन को लेकर केंद्र सरकार की तैयारी युद्धस्तर पर जारी है। पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मचारियों को वैक्सीन लगाई जानी है, इसलिए शासन ने सभी निजी व सरकारी अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सक व स्टाफ का डाटा मांगा है। इसके आधार पर ही जिलेवार वैक्सीन उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, जिले में बड़ी संख्या में निजी अस्पताल व क्लीनिक संचालकों ने शासन के आदेशों को ताक पर रखा। इस पर शासन ने नाराजगी जाहिर करते हुए सीएमओ को सख्त आदेश जारी किए हैं। शासन से निर्देश हैं कि 48 घंटे में चिकित्सीय स्टाफ का डाटा नहीं देने वाले अस्पतालों का लाइसेंस निलंबित कर दिया जाए। सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने बताया कि निर्देश जारी कर दिए हैं कि डाटा नहीं देने वाले निजी अस्पताल व क्लीनिक का लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा। विभागीय अफसरों ने माना है कि कोरोना टीकाकरण को लेकर जहां सरकार गंभीर हैं, वहीं निजी अस्पतालों की लापरवाही भारी पड़ सकती है।
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वैक्सीन के लिए 8 दिसंबर को मिलेंगे 14 फ्रीजर
स्वास्थ्य विभाग को 8 दिसंबर को 14 डीप फ्रीजर मिल जाएंगे। एक डीप फ्रीजर में लगभग 40 हजार वैक्सीन रखने की क्षमता होगी। विभागीय अफसरों का कहना है कि कोरोना टीकाकरण की तैयारी जिलास्तर पर भी तेज कर दी गई है।
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