घर के आगे बने रैंप खुद तोड़ो, प्राधिकरण तोड़ेगा तो शुल्क भी लेगा
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो प्राधिकरण ने शहर के 10 सेक्टरों के निवासियों को चेतावनी दी है कि वो दो सप्ताह के अंदर घर के बाहर मैनहोल के ऊपर बने रैंप को खुद तोड़े दें। यदि ऐसा नहीं किया तो फिर प्राधिकरण रैंप तोड़ेगा और उसका शुल्क आवंटी से वसूला जाएगा। प्राधिकरण ने 2858 मैनहोल को चिह्नित किया है। लोगों ने इनको घर के बाहर रैंप से ढक दिया है। इससे सीवर ओवरफ्लो और चोंक हो रहे हैं।
ग्रेटर नोएडा के सेक्टरों में सीवर ओवरफ्लो और चोंक होने की समस्या गंभीर है। आए दिन किसी ना किसी सेक्टर में इस तरह की शिकायत प्राधिकरण को मिलती है। ऐसे में प्राधिकरण आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर रोबोट से सीवर लाइन की सफाई करवा रहा है, लेकिन कई मैनहोल मिल नहीं रहे हैं। प्राधिकरण ने सलाहकार से इसका सर्वे कराया। सर्वे में पता चला कि शहर के 10 आवसीय सेक्टरों में कुल 9557 मैनहोल हैं। इनमें से 6699 मैनहोल का ही पता चल सका है। बाकी 2858 नहीं मिले हैं, वो घरों के आगे बने रैंप में ढक गए हैं। इस कारण सीवर ओवरफ्लो होने की समस्या समाप्त नहीं हो रही है। अब प्राधिकरण ने लोगों से कहा है कि वो रैंप को तोड़कर मैनहोल की सफाई करा लें। अगर दो सप्ताह में ऐसा नहीं किया तो फिर प्राधिकरण अभियान चलाकर अवैध रैंप को तोड़ेगा। साथ ही उस पर आने वाला खर्च भी आवंटी से वसूला जाएगा।
एसटीपी से टैंकर में पानी भरने की व्यवस्था
प्राधिकरण ने सेक्टर इकोटेक तीन स्थित 20 एमएलडी के एसटीपी के शोधित जल को टैंकरों में भरने की व्यवस्था कर दी है। इस पानी का छिड़काव सड़कों पर किया जाएगा। एसटीपी से एक समय में एक साथ 3 टैंकरों भरा जा सकेगा। साथ ही ग्रीन बेल्ट, पार्क इत्यादि की सिंचाई के लिए 5 किमी जलापूर्ति की लाइन भी बिछाई जा रही है। इससे 130 मीटर सड़क पर विकसित बड़ा और छोटा डी पार्क, कच्ची सड़क के सेंट्रल वर्ज, सेक्टर में विकसित पार्क की सिंचाई की जाएगी। जल्द ही इकोटेक दो के एसटीपी से भी टैंकर भरने की व्यवस्था होगी। वहीं, 150 किमी सीवर लाइन के सर्वे का काम पूरा हो गया है। जबकि लगभग 600 किमी सीवर लाइन का सर्वे बाकी है। जांच में पता चला है कि डाबरा गांव के एक खसरा संख्या में विवाद होने के कारण 250 मीटर सीवर लाइन का काम बाकी है। यह काम शुरू कर दिया गया है।
प्राधिकरण में आज लगेगी जल अदालत
प्राधिकरण कार्यालय में बृहस्पतिवार को जल अदालत लगेगी। यहां आवासीय सेक्टर ईटा-1, 2, ओमीक्रॉन-1, 1ए, 2, 3, जू-1, 2, 3 की जल शुल्क संबंधी समस्याओं को सुना जाएगा। प्राधिकरण ने आवंटियों के पानी के बिल की समस्या के समाधान के लिए जल अदालत का आयोजन शुरू किया है। हर सप्ताह किसी ना किसी सेक्टर की समस्या सुनी जाती है। इसी के तहत सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक जल अदालत लगेगी। प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा।