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इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप में लगेंगे 19 नए उद्योग, मिलेगा रोजगार

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ग्रेटर नोएडा। देश की सबसे स्मार्ट टाउनशिप में से एक दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (डीएमआईसी) और इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप ग्रेनो लिमिटेड (आईआईटीजीएनएल) में उद्योग लगाने के लिए प्राधिकरण ने मौका दिया है। प्राधिकरण ने टाउनशिप के 19 औद्योगिक भूखंडों के आवंटन की योजना लांच कर दी है। इनके लिए 24 सितंबर से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। इससे करोड़ों के निवेश के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार की राह भी खुलेगी
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करीब 747.5 एकड़ में टाउनशिप बसाई गई है। इसमें हायर इलेक्ट्रॉनिक्स, फॉर्मी मोबाइल, सत्कृति इंफोटेनमेंट, चेनफेंग टेक और जे वर्ल्ड इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां प्लांट लगा चुकी हैं। ये कंपनियां 3700 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर रही हैं और करीब 10 हजार युवाओं को रोजगार देंगी। साथ ही, देश-विदेश की कई बड़ी कंपनियां इस टाउनशिप में निवेश के लिए इच्छुक हैं। उनकी मांग को देखते हुए सीईओ नरेंद्र भूषण के निर्देश पर टाउनशिप में औद्योगिक भूखंडों की योजना लांच की गई है।
भूखंड की कीमत 16,990 रुपये प्रति वर्ग मीटर
योजना के तहत 18602 वर्ग मीटर से लेकर 54,602 वर्ग मीटर एरिया तक के भूखंड हैं। इनकी कीमत 16,990 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। इनके लिए ऑनलाइन ही आवेदन किया जा सकता है। इसका ब्रोशर http://www.iitgnl.com पर उपलब्ध है। आवेदक ई-लैंड मैनेजमेंट सिस्टम पर पंजीकरण कर भूखंडों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के समय 25 हजार रुपये बतौर पंजीकरण राशि और प्लॉट की कुल कीमत का 10 प्रतिशत भुगतान करना होगा। आवंटन की प्रक्रिया एक माह में पूरी कर कुल कीमत का 30 फीसदी भुगतान करते ही कब्जा मिल जाएगा। हर माह की 1 से 15 तारीख के बीच आने वाले आवेदनों को 16 तारीख को खोला जाएगा और 16 से 30 के बीच आने वाले आवेदनों को हर माह की एक तारीख को खोला जाएगा।
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देश की सबसे स्मार्ट टाउनशिप
यह देश की सबसे स्मार्ट टाउनशिप में से एक है। इसमें ऑटोमेटेड वेस्ट प्लांट लगाया गया है। हर भूखंड से पाइप के जरिये कूड़ा प्लांट तक पहुंचेगा जो खाद में बदल जाएगा। पेयजल को छोड़कर शेष जरूरत कासना स्थित 137 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से शोधित पानी से पूरी होगी। इस टाउनशिप में उद्यमी तत्काल प्लांट लगाकर काम शुरू कर सकेंगे। यहां डीजल-पेट्रोल के वाहनों का प्रयोग नहीं होगा। 24 घंटे बिजली, एलईडी लाइट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। टाउनशिप सीसीटीवी से लैस है।
25 करोड़ खर्च कर स्मार्ट बनेंगे छह गांव
ग्रेटर नोएडा। प्राधिकरण ने क्षेत्र के गांवों को स्मार्ट बनाने की पहल शुरू कर दी है। पहले चरण में प्राधिकरण कुल 150 करोड़ रुपये खर्च कर 14 गांवों में सुविधाएं बढ़ाएगा। फिलहाल, छह गांवों के लिए निविदा जारी की गई है। इन पर करीब 25 करोड़ रुपये खर्च होंगे। एक माह में टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू कर दिया जाएगा।
प्राधिकरण के अंतर्गत 124 गांव आते हैं, जिन्हें स्मार्ट बनाने की योजना है। पहले चरण मायचा, छपरौला, सादुल्लापुर, तिलपता-करनवास, घरबरा, चीरसी, लड़पुरा, अमीनाबाद (नियाना), सिरसा, घंघोला, अस्तौली, जलपुरा, चिपियाना खुर्द-तिगड़ी, युसुफपुर चक शाहबेरी में सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। इनके बाद चूहड़पुर, पुराना हैबतपुर, बिसरख, हल्दौनी, रिछपाल गढ़ी को शामिल किया जाएगा। सीईओ नरेंद्र भूषण के निर्देश पर योजना की शुरुआत मायचा से कर चुका है। अमानीबाद का भी टेंडर जारी हो गया है। अब छह और गांवों के लिए निविदा जारी की गई है।
दो चरणों में होगा विकास
पहले चरण में हर घर को पानी व सीवर कनेक्शन से जोड़ा जाएगा। सीवर लाइनों को सीवरेट ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़ा जाएगा। नालियां बनाई जाएंगी। हर गली में स्ट्रीट लाइट होगी। सामुदायिक केंद्र बनेंगे। विद्युतीकरण के कार्य भी होंगे। वहीं, दूसरे चरण में लाइब्रेरी, वाई-फाई, युवाओं के लिए ट्रेनिंग सेंटर, स्मार्ट क्लास बोर्ड आदि की सुविधाएं दी जाएंगी। ट्रेनिंग सेंटर में युवाओं को रोजगारपरक कोर्स की जानकारी दी जाएगी।
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किस गांव पर कितना खर्च
चिपियाना खुर्द उर्फ तिगरी 1.85 करोड़
छपरौला 3.24 करोड़
युसुफपुर चक शाहबेरी 88 लाख
जलपुरा 5.82 करोड़
घंघोला 6.68 करोड़
घरबरा 5.89 करोड़
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