मेरठ को स्मार्ट सिटी बनाने को लेकर कवायद चल रही है। बृहस्पतिवार को लखनऊ में उद्योग मंत्री सतीश महाना के साथ सभी प्राधिकरणों के सीईओ और अन्य उच्चाधिकारियों ने समीक्षा बैठक की। इसमें रैपिड रोड व रैपिड मेट्रो आदि पर मंथन किया गया। साथ ही, मेरठ तक कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने के सुझावों पर विचार-विमर्श किया गया।
इसके तहत दिल्ली से मेरठ तक रैपिड रोड बनाने की बात सामने आई। इसका एकमात्र मकसद मेरठ में रहते हुए दिल्ली तक आवागमन और नौकरीपेशा को सुविधा दिलाना है। बैठक में विचार किया गया कि परिवहन का ऐसा साधन दिया जाए, जिससे मेरठ में रहते हुए दिल्ली-एनसीआर तक रोजाना सफर करने में लोगों को आसानी हो। हालांकि, रैपिड रोड की कवायद की बात केवल मौखिक स्तर पर है और इस बाबत किसी तरह का निर्देश किसी अधिकारियों को नहीं दिया गया।
यह है रैपिड रोड
इसकी विशेषता यह है कि यह रोड जहां तक बनाई जाती है तो वहां तक बीच में कहीं से कोई प्रवेश या निकास नहीं होता। यही वजह है कि दिल्ली से मेरठ तक इस तरह की सड़क बनाने पर मंथन किया गया। हालांकि, दिल्ली से मेरठ तक एक्सप्रेसवे का काम चल रहा है। 14 लेन के एक्सप्रेसवे की तीन-तीन लेन पूरी तरह से बंद रहेंगी जिससे दिल्ली से चलने पर मेरठ में ही वाहन चालक बाहर निकल पाएंगे।