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रिहायशी घरों में भी प्रदूषण न फैलाने वाली छोटी इकाईयां को मंजूरी

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घर में भी चला सकेंगे प्रदूषण नहीं फैलाने वाली छोटी फैक्ट्री
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दक्षिणी निगम की स्थायी समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित

लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अब घरों में भी प्रदूषण न फैलाने वाली छोटी इकाइयां संचालित की जा सकेंगी। खास बात यह है कि घर के प्रत्येक फ्लोर के 50 फीसदी क्षेत्र में छोटे उद्योग के संचालन के लिए लाइसेंस जारी किया जाएगा। इसके तहत जूट के उत्पाद, बिंदी, खिलौना, फोटोस्टेट, दरी और गलीचा, सिलाई मशीनों की असेंबली और रिपेयर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की रिपेयरिंग सहित आटा चक्की, चर्म उत्पादों को हाथ से तैयार करने सहित कुल 121 तरह के कार्यों को शामिल किया गया है।
इसके लिए एमसीडी से ऑनलाइन हाउस होल्ड/ सर्विस इंडस्ट्री लाइसेंस लेना होगा। बृहस्पतिवार को दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। 2010 में नए लाइसेंस जारी करने पर पाबंदी लगा दी थी, लेकिन समिति के इस फैसले से बेरोजगार युवाओं, महिलाओं सहित तमाम वर्ग के लोगों को स्वरोजगार का मौका मिलेगा।
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बृहस्पतिवार को दक्षिणी निगम की स्थायी समिति की बैठक में रखे गए इस प्रस्ताव को पारित कर दिया गया। समिति की अध्यक्ष शिखा राय ने बताया कि इन इकाइयों के घरों में संचालन के लिए लाइसेंस अनिवार्य होगा। लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा और पारदर्शिता भी बनी रहेगी।
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निगम को मिलेगा करोड़ों का राजस्व
स्थायी समिति की अध्यक्ष शिखा राय ने बताया कि इस प्रावधान के लागू होने से निगम के राजस्व में काफी बढ़ोतरी होगी। इससे आम लोगों को रोजगार और आय का मौका मिलेगा। इससे निगम को सालाना करोड़ों की प्राप्ति होने की उम्मीद है। नए लाइसेंस के साथ-साथ पुरानी औद्योगिक इकाइयों के लाइसेंस का नवीनीकरण भी हो सकेगा।

ये होंगे प्रावधान
-घर के 50 फीसदी हिस्से में नए लघु उद्योगों के लिए अनुमति होगी, लेकिन 50 फीसदी हिस्से का रहने के लिए ही इस्तेमाल हो सकेगा।
-फैक्ट्री या इकाई के संचालन के लिए 25 किलोवाट तक की बिजली सहित पांच कर्मियों को भी काम पर रखने का प्रावधान होगा।
-लाइसेंस लेने के लिए किया जा सकेगा ऑनलाइन आवेदन।
-एमसीडी की मंजूरी के बाद दिल्ली सरकार की ओर से अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
-इसके लिए 1000 रुपये की लाइसेंस फीस निगम को अदा करनी होगी।
-मास्टर प्लान दिल्ली के तहत जारी होने वाले लाइसेंस के लिए प्रदूषण संबंधी मानकों का पालन अनिवार्य होगा।
-प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयां संचालित नहीं की जा सकेंगी।
-नियमों की अनदेखी न हो, इस पर निगम की टीम लगातार नजर रखेगी।
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