छोटे फ्लैट बने डीडीए के गले की फांस
- ड्रॉ के बाद सैकड़ों आवंटी घर वापस कर वापस ले चुके हैं रकम
- सीआईएसएफ और दिल्ली पुलिस तक ने भी नहीं ली दिलचस्पी
- अब डीडीए सरकारी विभागों को दे रहा ऑफर, जनवरी में होगा ड्रॉ
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) अपने छोटे फ्लैट्स को लेकर इन दिनों परेशान है। पिछली दो आवासीय योजनाएं निकालने के बावजूद डीडीए को खरीददार नहीं मिले। कई आवंटियों ने ड्रॉ के बाद छोटे फ्लैट्स होने पर प्राधिकरण से रकम वापस ले ली है। इसके बाद सीआईएसएफ और दिल्ली पुलिस से फ्लैट्स खरीदने के लिए संपर्क किया जा चुका है, लेकिन कहीं से भी शुभ संकेत नहीं मिले। सूत्रों के अनुसार, डीडीए अब इन फ्लैटों को सरकारी विभागों को देना चाहता है।
दरअसल रोहिणी, सिरसपुर और नरेला इलाके में डीडीए ने ये फ्लैट्स तैयार किए हैं। इनमें से कुछ फ्लैट्स 2014 की आवासीय योजना के हैं। जबकि शेष 2017 की योजना के हैं। डीडीए के अनुसार, करीब साढ़े छह हजार फ्लैट्स ऐसे हैं, जिनका आकार कम होने के कारण उसे खरीददार नहीं मिल रहे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी की मानें तो इन फ्लैटों में काफी हद तक सुधार किया गया है। इनके आकार में भी बढ़ोतरी की है। इलाके में संबंधित जनसमस्याओं को भी दूर किया गया है। उन्होंने बताया कि नए साल की शुरुआत में पुराने फ्लैट्स को सरकारी विभागों के सुपुर्द करने के लिए 15 जनवरी को ड्रॉ निकालने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए प्राधिकरण की वेबसाइट पर तमाम जानकारी भी जारी कर दी गई है।
जनवरी में होने वाले ड्रॉ से डीडीए को उम्मीद
डीडीए को उम्मीद है कि जनवरी में होने वाले ड्रॉ के बाद उन्हें पुराने बचे हुए फ्लैटों से छुटकारा मिल सकेगा। वहीं साल 2018 की लंबित पड़ी 20 हजार फ्लैट की आवासीय योजना के सामने आने का रास्ता भी साफ हो सकेगा। बताया जा रहा है कि साल 2018 में आने वाली नई आवासीय योजना से पहले डीडीए पुराने फ्लैट से मुक्त होना चाहता है। शायद इसीलिए प्राधिकरण ने अब तक नई योजना से संबंधित घोषणा अब तक नहीं की है।