गांवों और सेक्टरों में कूड़ा संग्रह केंद्र बनाए प्राधिकरण : डीएम
आरडब्ल्यूए, प्राधिकरण, क्रेडाई और यूपीपीसीबी के अधिकारियों के साथ की बैठक
एनजीटी के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी ईपीए व धारा-151 की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। जिलाधिकारी ने सोमवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में शहर के आरडब्ल्यूए, क्रेडाई, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण व उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी को एनजीटी के नियमों का पालन करने का पाठ पढ़ाया और चेतावनी दी कि अगर नियमों का उल्लंघन किया, तो जुर्माने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम (ईपीए) और धारा-151 के तहत कार्रवाई होगी। वहीं प्राधिकरण को गांवों और सेक्टरों में जगह-जगह कूड़ा कलेक्शन सेंटर बनाने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में शहर के आरडब्ल्यूए और अन्य लोगों ने प्राधिकरण के कूड़ा निस्तारण के सिस्टम पर सवाल उठाए और कहा कि प्राधिकरण का अगर कूड़ा उठाने का सिस्टम अच्छा हो, तो फिर किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी, जिस पर जिलाधिकारी बीएन सिंह ने प्राधिकरण के अफसरों से कहा कि शहर और गांव में जगह-जगह कूड़ा कलेक्शन सेंटर बनाएं, ताकि लोग वहां पर कूड़ा डाल सकें। वहां से कूड़ा उठाने की व्यवस्था को भी दुरुस्त करें।
डीएम ने बताया कि जगह-जगह कूड़ा फेंका और जलाया जा रहा है। ऐसा करने वालों में आम लोगों के साथ-साथ प्राधिकरण और संस्थान भी शामिल हैं। अब अगर किसी ने एनजीटी के नियमों का उल्लंघन किया, तो उन पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत और धारा-151 की कार्रवाई की जाएगी। जुर्माना भी लगाया जाएगा। प्राधिकरण और यूपीपीसीबी की रिपोर्ट के साथ-साथ उप जिलाधिकारी अपने स्तर पर स्वयं भी कार्रवाई करेंगे।
तत्काल बंद करना होगा खुले में कूड़ा डालना
130 मीटर रोड पर सेक्टर ईकोटेक-12 के पास कूड़ा डाला जा रहा है। जिलाधिकारी ने प्राधिकरण के अफसरों को तत्काल कूड़ा डालना बंद करने और डाले गए कूड़े को उठाने के निर्देश दिए। एक सप्ताह के अंदर प्राधिकरण से इस पर रिपोर्ट मांगी है। साथ ही कबाड़ियों के साथ बैठक कर उनको कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं शहर के लोगों की मांग पर कूड़ा निस्तारण व फेंकने आदि पर प्रशिक्षण देने को कहा है। प्राधिकरण को अस्तौली में बन रहे कूड़ा निस्तारण केंद्र को जल्द से जल्द पूरा कराने के निर्देश भी दिए हैं।
बिल्डर भी अपनी जिम्मेदारी को पूरा करें
बैठक में क्रेडाई के पदाधिकारी भी शामिल थे। डीएम ने उनसे कहा कि 5000 वर्ग मीटर और इससे बड़ी सोसायटी, होटल व संस्थागत भूखंड का अपना सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम होना जरूरी है। बिल्डर अपनी जिम्मेदारी को पूरा करें। सभी अपने सिस्टम को शुरू करें और वहां से निकलने वाले कूडे़ का निस्तारण करें। उसके बाद जो कचरा बचता है, उसे प्राधिकरण के माध्यम से निस्तारित करना होगा। किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने की चेतावनी दी है।