शिक्षकों से मारपीट मामले में उदासीन
रवैया अपना रही सरकार : जीएसटीए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के साथ छात्रों और अभिभावकों द्वारा की गई मारपीट की घटनाओं के विरोध में राजकीय विद्यालय शिक्षक संघ(जीएसटीए) ने दिल्ली सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। संघ ने आरोप लगाया कि सरकार का इन घटनाओं के प्रति उदासीन रवैया अभिभावकों व छात्रों को मौन समर्थन का संकेत देता है।
जीएसटीए के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजबीर सिंह छिकारा व महासचिव अजयवीर यादव ने बताया कि दिल्ली के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के साथ मारपीट व अभद्रता की प्रतिदिन एक से पांच घटनाएं सामने आना आम बात हो गई है। इन घटनाओं में शिक्षक घायल हो जाता है तो घटना उजागर हो जाती है अन्यथा नौकरी जाने के डर से उसकी शिकायत भी नहीं हो पाती। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना होते ही सबसे पहले विद्यालय प्रमुख मामले को दबाने के लिए शिक्षकों पर दबाव बनाते हैं, उसके बाद एसएमसी का डर, उसके बाद जोन व जिला स्तर के अधिकारी अपनी कुर्सी की साख व व्यक्तिगत जवाबदेही से बचने के लिए पीड़ित शिक्षक से मुंह मोड़ लेते हैं।
उन्होंने कहा कि हाल ही में जे ब्लाक साकेत में ऐसी घटना हुई। राजकीय उच्चतर माध्यमिक बाल विद्यालय, मुंडका में शिक्षक से अभद्रता की घटना हुई। शिक्षकों की सुरक्षा करने के लिए संघ ने सरकार से मांग की है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में संघ ने सरकार को 20 सुझाव भी दिए हैं और मांगे पूरी न होने पर संघ ने जल्द ही विशाल विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी है।