विश्व शौचालय दिवस:
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दिव्यांग और बीमार महिलाओं को
अब लघुशंका करना होगा आसान
- आईआईटी दिल्ली के छात्रों का विश्व शौचालय दिवस पर देश को तोहफा
- बिस्तर या व्हील चेयर पर बैठे-बैठे लघुशंका की मिलेगी आजादी, इंफेक्शन से मिलेगी निजात
सीमा शर्मा
नई दिल्ली।
आईआईटी दिल्ली विश्व शौचालय दिवस (19 नवंबर) पर दिव्यांग, बीमार और गर्भवती महिलाओं को एक नायाब तोहफा देने वाला है। अब बीमार महिलाओं को लघुशंका के समय किसी को मदद के लिए नहीं बुलाना पड़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के तहत छात्रों ने महिलाओं की परेशानी को समझते हुए स्टैंड एंड पी उपकरण तैयार किया है। इस खोज के चलते महिलाएं व्हील चेयर और बिस्तर पर लेटे-लेटे लघुशंका कर सकेंगी। खास बात यह है कि अब बीमार महिलाओं को पेशाब की नलकी के इंफेक्शन से भी निजात मिलेगी।
आईआईटी दिल्ली विश्व शौचालय दिवस के मौके पर दिव्यांग महिलाओं को स्टैंड एंड पी से रूबरू करवाने जा रही है। आईआईटी देशभर समेत दिव्यांग महिलाओं को मुफ्त में स्टैंड एंड पी उपकरण उपलब्ध करवाएगी। टेक्सटाइल इंजीनियरिंग के बीटेक छात्र अर्चित अग्रवाल के मुताबिक, आईआईटी इंडस्ट्री डे के मौके पर सितंबर 2018 में स्टैंड एंड पी को पहली बार लांच किया था। दो सदस्यीय टीम ने पहले डिजाइन में कामकाजी महिलाओं समेत छात्राओं को फोकस किया था, जो कि आठ से दस घंटे घर से बाहर रहती हैं। पब्लिक शौचालय में इंफेक्शन के डर वे दिनभर पानी नहीं पीती हैं। इसके चलते उनकी किडनी खराब होने का खतरा रहता है। हालांकि, नया डिजाइन दिव्यांग, गर्भवती व बीमार महिलाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। नई टीम में दस सदस्य शामिल हैं।
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- पर्यावरण को भी नहीं होगा नुकसान
टीम सदस्यों के मुताबिक, इसमें एक खास प्रकार का कागज प्रयोग किया गया है। यह उपकरण एक बार ही प्रयोग हो सकता है। कागज से बना होने के कारण आसानी से मिट्टी में जाकर नष्ट हो जाएगा। इससे पर्यावरण को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा। यह महज तीन रुपये में प्रति पीस उपलब्ध होगा। हालांकि, अभी अस्पतालों, दिव्यांग, गर्भवती महिलाओं को मुफ्त मुहैया करवाया जा रहा है।
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- एम्स में ट्रायल जारी
टीम सदस्यों के मुताबिक, एम्स में महिला मरीजों पर स्टैंड एंड पी का ट्रायल शुरू हो गया है। ट्रायल पहले चरण में सफल रहा है। उम्मीद है कि देश के अन्य बड़े और छोटे शहरों के अस्पतालों में भी उक्त उपकरण मुहैया होगा। इसी संबंध में जल्द ही छात्रों का प्रतिनिधिमंडल पीएमओ से भी मिलेगा।