स्कूलों में बच्चों की पढ़ने की क्षमता का आकलन होगा
- प्रत्येक सरकारी स्कूल में अगले माह 10 दिन तक होगा मूल्यांकन
- अब से 9 दिसंबर तक तीसरी से पांचवीं व छठी से आठवीं तक के बच्चों को प्रतिदिन स्कूल आना होगा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सरकारी स्कूलों में तीसरी से पांचवीं और छठी से आठवीं तक के बच्चों के पढ़ने व गणना के स्तर में सुधार को जांचने के लिए अब उनका आकलन किया जाएगा। प्रत्येक सरकारी स्कूल में अगले माह से इसकी शुरुआत होगी। 10 दिसंबर से 20 दिसंबर तक बच्चों में यह देखा जाएगा कि हिंदी, अंग्रेजी, ऊर्दू व गणित में वह कितने बेहतर हुए। शिक्षा निदेशालय ने इस आकलन के लिए अब से 9 दिसंबर तक प्रतिदिन स्कूल आने के लिए कहा है। इस दौरान उन्हें हिंदी, अंग्रेजी, ऊर्दू और गणित का पर्याप्त अभ्यास कराया जाएगा।
दिल्ली सरकार सभी सरकारी स्कूलों में चुनौती अभियान की तर्ज पर मिशन बुनियाद अभियान शुरू किया था। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों पढ़ने के स्तर व गणना स्तर को बढ़ाना है। इसके लिए स्कूलों को एक पीरियड पढ़ने, लिखने और लाइब्रेरी के लिए निर्धारित करने को कहा गया था। ऐसे में अब शिक्षा निदेशालय उनके पढ़ने की क्षमता और गणित की गणना के स्तर का आकलन करने जा रहा है। आकलन के माध्यम से निदेशालय यह जानना चाहता है कि बच्चों की हिंदी, ऊर्दू, अंग्रेजी व गणित में कितना सुधार हुआ।
शिक्षा निदेशालय ने स्कूल प्रमुखों को सुनिश्चित करने को कहा है कि अब से लेकर 9 दिसंबर तक सर्वोदय विद्यालयों के तीसरी से पांचवीं व छठी से आठवीं तक बच्चे प्रतिदिन स्कूल आएं। यहां उन्हें पढ़ने, लिखने व गणित का अभ्यास कराया जाना चाहिए। बच्चों का मूल्यांकन करने के बाद उनका डाटा स्कूलों को शिक्षा निदेशालय के ऑनलाइन मॉड्यूल पर अपलोड करना होगा। इस ऑनलाइन मॉड्यूल को 10 दिसंबर से 31 दिसंबर तक खोला जाएगा। यह डेटा अगले शैक्षणिक सत्र के लिए विभिन्न गतिविधियों और ग्रीष्मकालीन शिविर की योजना बनाने के लिए आधार प्रदान करेगा। स्कूल प्रमुखों को ध्यान रखना होगा कि कोई भी बच्चा मूल्यांकन से न छूटे।