चिट फंड कंपनी के ग्राहकों ने अर्द्धनग्न होकर किया प्रदर्शन
- पैसा वापस न मिलने पर चुनाव का बहिष्कार करने की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा।
पीएसीएल चिट फंड कंपनी के ग्राहकों ने पैसा वापसी की मांग को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट पर अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। निवेशकों ने चेतावनी दी कि यदि उनका पैसा वापस नहीं मिला, तो वे लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। निवेशकों ने अपनी मांग को लेकर पीएम के नाम एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
ऑल इंवेस्टर्स सेफ्टी आर्गेनाइजेशन के नेतृत्व में सैंकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। कंपनी के निवेश किए गए पैसे को वापस कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। आर्गेनाइजेशन के प्रेसिडेंट वेदप्रकाश शर्मा ने बताया कि 21 अगस्त 2014 को सेबी ने पीएसीएल कंपनी को प्रतिबंधित कर दिया था। सेबी ने निवेशकों के पैसे को तीन माह में वापस लौटने का आदेश दिया था, जिसके बाद 2 फरवरी 2016 को मामला सुप्रीम कोर्ट चला गया। कोर्ट ने सेबी की एक कमेटी गठित कर छह माह के भीतर पीएसीएल की संपत्तियों को बेचकर ग्राहकों का पैसा वापस लौटाने के आदेश दिए थे, लेकिन दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी ग्राहकों को पैसा नहीं मिल पाया है। निवेशकों ने पैसा वापसी की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट गुंजा सिंह को सौंपा, जिसमें निवेशकों ने चेतावनी दी कि यदि उनका पैसा वापस नहीं मिला तो वह लोकसभा चुनाव में मतदान नहीं करेंगे।
जिले के 10 हजार लोगों ने किया है निवेश
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक जिले के करीब दस हजार लोगों ने कंपनी में निवेश किया था। कंपनी के एजेंटों ने लोगों को भरोसा दिया कि छह साल में उनका पैसा दोगुना करके दिया जाएगा। कुछ लोगों को पैसा नहीं लेने पर फ्लैट देने का झांसा दिया गया था। उनका दावा है कि जिले के लोगों का करीब 8,000 करोड़ रुपया फंसा है, जिसके लिए वह चार साल से परेशान हैं।