जदयू के पूर्व सांसद पर धोखाधड़ी
के आरोप तय करने का निर्देश
- फर्जी बिलों से टीएलसी का 14 लाख रुपये लेने का है आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अदालत ने जदयू के पूर्व राज्यसभा सांसद अनिल कुमार साहनी व अन्य आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी व आपराधिक साजिश की धाराओं में आरोप तय करने का निर्देश दिया है। मामला फर्जी बिलों के जरिये लीव ट्रेवल कन्सेशन (टीएलसी) के पैसे से जुड़ा है।
पटियाला हाउस अदालत के विशेष सीबीआई जज अरुण भारद्वाज ने कहा कि आरोपियों पर मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। पूर्व सांसद ने फर्जी बिल देकर 14.22 लाख रुपये सरकारी खजाने से लिए। कोर्ट ने कहा पूर्व सांसद ने मार्च 2012 में 20 हवाई टिकटों का पैसा लेने की कोशिश की थी। दोबारा इन्हीं टिकटों को दिसंबर 2012 में जमा करवाकर करीब 14 लाख रुपये सरकारी खजाने से ले लिए।
कोर्ट ने कहा केस के तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर पहली नजर में पूर्व सांसद पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी व फर्जी दस्तावेज को असली की तरह इस्तेमाल करने तथा भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत मामला बनता है। अदालत ने साहनी के साथ आईजीआई एयरपोर्ट के तत्कालीन कार्यालय अधीक्षक (ट्रैफिक) एनएस नायर व एक अन्य शख्स अरविंद तिवारी पर आरोप तय करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सीबीआई की चार्जशीट पर संज्ञान लेने के बाद इन लोगों को बतौर आरोपी समन जारी कर पेश होने का निर्देश दिया। कोर्ट ने इन आरोपियों को पेशी के बाद 12 अप्रैल 2017 को जमानत प्रदान कर दी थी।