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आप का एमसीडी पर जमीन घोटाले का आरोप

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आप का एमसीडी पर जमीन घोटाले का आरोप
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- अंडरब्रिज व ओवरब्रिज के लिए अधिग्रहीत जमीन के बदले जमीन देने का मामला
- पार्टी ने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की
- प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों को बर्खास्त करने को कहा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा शासित एमसीडी पर भूमि अधिग्रहण की आड़ में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया है। पार्टी के मुताबिक, नांगलोई इलाके की पंजाबी बस्ती मार्केट में एमसीडी को एक अंडरब्रिज व ओवरब्रिज बनाना था। इसके लिए दुकानदारों की जमीन अधिग्रहण की गई। इसके एवज में दुकानदारों को दी जाने वाली जमीन में गड़बड़झाला किया गया। पार्टी ने इसे बड़ा घोटाला करार देते हुए मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। इसके दायरे में ऐसी सभी जगह शामिल हों, जिनका निगम ने हाल-फिलहाल अधिग्रहण किया है। वहीं, अधिग्रहण प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए।
आप के वरिष्ठ नेता दिलीप पांडेय ने सोमवार को पार्टी कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए कहा कि मामले में न सिर्फ गलत आवंटन किया गया, बल्कि पूरी आवंटन प्रक्रिया ही सवालों के घेरे में है। नियमावली में साफ कहा गया है कि बेसमेंट वालों को किसी भी प्रकार की क्षतिपूर्ति (कंपनसेशन) नहीं मिलेगी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि एक दो नहीं, बल्कि आठ लोगों को बेसमेंट की दुकान के बदले 9-9 स्क्वायर मीटर जमीन का आवंटन कर दिया गया। कुल 72 स्क्वायर मीटर जमीन गलत तरीके से आवंटित हुई है। इसकी कीमत करोड़ों में है।
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दिलीप पांडेय के मुताबिक, एक मामले में जिस जमीन पर दुकान थी, वहां अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद उसके कुछ रिश्तेदारों के लकड़ी के खोके बनाकर उन्हे मुआवजे वाली सूची में शामिल करवा दिया गया। यह बगैर एमसीडी अधिकारियों की मिलीभगत के संभव नहीं था।
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दूसरी तरफ, उत्तरी दिल्ली नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष अनिल लाकड़ा ने कथित घोटाले के पेपर दिखाते हुए कहा कि इस लिस्ट में एक परिवार की 135 स्क्वायर मीटर जमीन अधिग्रहीत की गई। इसके बाद उन्हें 56 स्क्वायर मीटर जमीन मिलनी थी, लेकिन निगम ने भाइयों को अलग-अलग 56-56 स्क्वायर मीटर जमीन दे दी। दिलचस्प यह है कि मुआवजे की लिस्ट में नाम शामिल न होने के बावजूद एक व्यक्ति को जमीन दे दी गई।
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