बार-बार गुहार के बाद भी समान वेतन से वंचित
- डॉक्टर सरकार से लेकर अधिकारियों तक सभी से कर चुके हैं विनती
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के अस्पतालों में मरीजों की सेवा कर रहे डॉक्टर समान वेतन के लिए गुहार लगा रहे हैं। पिछले लंबे समय से इन डॉक्टरों ने सरकार से लेकर अधिकारियों तक से मुलाकात की, लेकिन अभी तक इनकी चर्चा पर संज्ञान नहीं लिया गया। बार-बार स्वास्थ्य मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तक को ज्ञापन दिया जा चुका है। इसके बावजूद दिल्ली की मुख्य लाइन माने जाने वाले इन डॉक्टरों की सुनवाई करने को कोई तैयार नहीं है। इसे लेकर सोमवार को रेजिडेंट डॉक्टरों की संस्था फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) ने फिर अधिकारियों से मुलाकात की। हालांकि इस दौरान मांग पूरी होने के लिए उन्हें एक माह का आश्वासन मिला है।
फोर्डा के महासचिव डॉ. सुमेध ने कहा कि दिल्ली सरकार नॉन एकडेमिक जूनियर रेजिडेंट (जेआर) और सीनियर रेजिडेंट (एसआर) को तो सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार वेतन दे रही है, लेकिन वहीं पोस्ट ग्रेजुएट, डीएनबी, एमसीएच, डीएनबी सुपर स्पेशलिटी और एसएनबी को अभी भी छठे वेतन आयोग के अनुसार ही वेतन दिया जा रहा है।