दिल्ली सरकार की निष्क्रियता से शहर में हुआ जलभराव
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार तय समय 30 जून तक नालों की सफाई का काम पूरा करा लेती तो पिछले दिनों हुई बारिश के दौरान शहर में जलभराव की समस्या नहीं होती। यह आरोप दक्षिण दिल्ली नगर निगम के महापौर नरेंद्र चावला ने लगाया है। उनका यह भी कहना है कि उपमुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 25 जून को बाढ़ नियंत्रण उपायों के विषय पर हुई बैठक में नालों की सफाई का काम केवल 60 प्रतिशत पूरा होने की बात सामने आई थी। इसके बावजूद कोई सार्थक कदम नहीं उठाया गया।
महापौर नरेंद्र चावला ने कहा कि दिल्ली सरकार शहर के नालों से गाद निकालने का काम पूरा करने की स्थिति में नहीं है। उसे यह काम समुचित बजट प्रावधान के साथ नगर निगम को सौंप देना चाहिए। लेकिन सरकार केवल दावे और शोर-शराबा कर अपनी विफलता की जिम्मेदारी नगर निगमों पर थोपने में विश्वास करती है। महापौर ने कहा कि दिल्ली सरकार में केवल राजनीतिक के मोर्चे पर तेजी दिखाई देती है। यह पूरी तरह स्पष्ट है कि दिल्ली सरकार गाद निकालने के काम में नाकाम रही है, जबकि नगर निगम ने कार्य योजना के अनुरूप योजनाबद्ध तरीके से काम को अंजाम देकर यह काम 30 जून तक पूरा कर दिया है।