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एम्स प्रबंधन पर कर्मचारियों ने लगाया भेदभाव का आरोप

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एम्स प्रबंधन पर कर्मचारियों ने लगाया भेदभाव का आरोप
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- निदेशक को पत्र लिख अपनी मांगों का दिया ब्योरा
- मांग पूरी न होने पर कर्मचारी कर सकते हैं हड़ताल

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। देश के सर्वश्रेष्ठ चिकित्सीय संस्थान एम्स के कर्मचारियों ने प्रबंधन पर भेदभाव करने का आरोप लगाया है। कर्मचारी यूनियन ने एम्स निदेशक को भेजे पत्र में अपनी मांगों का ब्योरा भी दिया है। साथ कहा है कि उनकी मांगें पूरी नहीं की गई तो भविष्य में कर्मचारी हड़ताल पर जाने से भी नहीं चूकेंगे।
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पत्र में कार्यरत कर्मचारी की मौत के बाद उसके परिवार को आर्थिक सहायता उपब्लध कराना, कैडर रिव्यू हर 5 साल में एक बार करना, एडहॉक और अस्थायी कर्मचारियों को प्रोविडेंट फंड मुहैया कराना, एलडीसी और यूडीसी के कर्मचारियों की तनख्वाह में 28 सौ रुपये तक का इजाफा, ऑफिस और वार्ड्स में कार्य करने वाले कर्मचारियों को नई पोस्ट के साथ नियुक्त करना सहित कई मांग शामिल हैं। उपरोक्त कई अन्य मांग के साथ कर्मचारी यूनियन ने एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया को एक पत्र भेजा और अपनी मांगे पूरी कराने के लिए कहा। एक कर्मचारी ने बताया कि कर्मचारी, फैकल्टी और मरीजों के साथ यहां हमेशा से ही भेदभाव होता आया है। कभी-कभी तो फैकल्टी स्किन ट्रीटमेंट का हवाला देकर यहां की फॉर्मेसी से ब्यूटी प्रोडक्ट तक मंगवा लेते हैं।
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