रजबहे के पानी में डूबे खेत। संवाद
- फोटो : samvad
बिसावर पुल के निकट शुक्रवार की सुबह गोठे दघेंटा रजबहे की पटरी अचानक कट जाने से खेतों में पानी भर गया, जिससे कई किसानों की सैकड़ों बीघा ज्वार, बाजरे और अरहर की फसल जलमग्न हो गई। इस फसल के सड़ने की आशंका है। आलू की बुवाई के लिए तैयार किए गए खेतों में भी पानी भर गया, जिससे किसानों में सिंचाई विभाग के प्रति आक्रोश है।
जानकारी के मुताबिक, रजबहे की पटरी किसान उदयवीर सिंह के खेत के पास कटी, जिससे कई किसानों की लगभग 150 बीघा अरहर, ज्वार और बाजरा की फसल में पानी भर गया।
किसान उदयवीर सिंह, महेंद्र सिंह, योगेश कुमार, रामकुमार, योगेश चौधरी, शिव शंकर, सलगा सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, बल्देव की फसल जलमग्न हो गई। कई किसानों ने खेत बाकी पर लेकर कड़ी मेहनत से फसल तैयार की थी।
इन किसानों का कहना था कि पटरी टूटने से उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है। किसानों ने बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा रजबहे की पटरी की देखरेख नहीं की जाती है और न ही इसकी सफाई पर ध्यान दिया जाता, जिससे आए-दिन रजबहे की पटरी टूट जाती है। इसकी मरम्मत भी ढंग से नहीं कराई जाती।
किसानों ने बताया कि बिना किसी सूचना के रजबहे में पानी छोड़ दिया जाता है। बिसावर नहर के पुल के नीचे काफी मात्रा में कूड़ा-करकट जमा है, जिसे आज तक साफ नहीं कराया गया है। सिर्फ कागजों में ही सफाई हो रही है। एक माह पहले भी गांव गढ़ी रत्ती के पास रजबहे की पटरी कट गई थी, तब भी काफी किसानों को नुकसान हुआ था।