किसी ने जिंदगीभर की पूंजी लगाई, तो किसी ने बैंक से कर्ज लेकर सपनों का घर खरीदा। आंखों में अपनी छत का सपना था, लेकिन वर्षों तक घर की चाबी के बजाय इंतजार और मायूसी ही मिली। अब ग्रेनो वेस्ट की आम्रपाली लेजर वैली की आदर्श आवास योजना के 51 परिवारों के लिए उम्मीद जगी है।
किसी ने जिंदगीभर की पूंजी लगाई, तो किसी ने बैंक से कर्ज लेकर सपनों का घर खरीदा। आंखों में अपनी छत का सपना था, लेकिन वर्षों तक घर की चाबी के बजाय इंतजार और मायूसी ही मिली। अब ग्रेनो वेस्ट की आम्रपाली लेजर वैली की आदर्श आवास योजना के 51 परिवारों के लिए उम्मीद जगी है। करीब 14 साल बाद घर खरीदारों को पजेशन संबंधी दस्तावेज सौंपे गए हैं। इससे वर्षों से अपने घर में बसने का इंतजार कर रहे परिवारों को राहत मिली है।
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सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त कोर्ट रिसीवर एवं भारत सरकार के अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने खरीदारों को एनओसी और पजेशन लेटर सौंपे। याचिकाकर्ता दीपांकर कुमार के अनुसार, परियोजना में कुल 1904 फ्लैट और आठ टावर हैं। शुरुआती चरण में ए1, जी1 और एच1 टावर के 51 खरीदारों को दस्तावेज दिए गए हैं। एनबीसीसी अधिकारियों के मुताबिक, अगले 30 से 45 दिनों में इन फ्लैटों की चाबियां सौंपने की प्रक्रिया की जाएगी। परियोजना की एडहॉक एओए के अध्यक्ष कृष्णा राठौड़ ने कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए खरीदारों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। दस्तावेज मिलना बड़ी राहत है। अब बाकी खरीदारों को भी जल्द घर मिलने चाहिए।
350 और खरीदारों को राहत की उम्मीद-
अगले कुछ दिनों में करीब 350 और खरीदारों को एनओसी और पजेशन संबंधी दस्तावेज मिलने की उम्मीद है। नेफोवा अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने कहा कि घर खरीदारों ने अपने हक के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी है। सुप्रीम कोर्ट, कोर्ट रिसीवर और एनबीसीसी के प्रयासों से अधिक परिवारों के घर मिलने का रास्ता साफ हो रहा है। 51 परिवारों के लिए यह सिर्फ दस्तावेज मिलने का दिन नहीं, बल्कि वर्षों पुराने सपने के पूरा होने की शुरुआत है। अब उनकी निगाहें फ्लैट की चाबी मिलने और अपने घर में पहली बार कदम रखने के दिन पर टिकी हैं। कार्यक्रम में एनबीसीसी के सीएमडी केपीएम स्वामी, निदेशक सुमन, कोर्ट रिसीवर कमेटी के सदस्य और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।