प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मौजूद प्रेरक
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3888 ड्राप आउट को 134 प्रेरक करेंगे शिक्षित
नूंह। जिले में ड्राप आउट (स्कूल छोड़ चुके बच्चे) अभी भी सबसे बढ़ी समस्या है। इस कारण साक्षरता दर में भी खास इजाफा नहीं हो पा रहा है। लेकिन, अब इससे निपटने के लिए शिक्षा विभाग ने 134 प्रेरकों की तैनाती कर दी है। जोकि जिले के 3888 ड्राप आउट को गांवों के गली-मोहल्लों में शिक्षित करेंगे। इसके लिए सोमवार को नूंह के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में 134 प्रेरकों के चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत की गई। यह कार्यक्रम हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद एवं हुमाना पीपल टू पीपल इंडिया द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया है। इसके तहत 7 से 14 साल तक की उम्र के बच्चों को पढ़ाया जाएगा।
हुमाना पीपल टू पीपल इंडिया की ओर से जिले में 2016 से निरंतर यह अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 14482 बच्चों का सरकारी विद्यालयों में पंजीकृत कराया गया है। हुमाना पीपल टू पीपल इंडिया द्वारा जिले के चार खंडों में ये विद्यालय चलाए जाने हैं, जिनमें नूंह में 27, फिरोजपुर झिरका 26, नगीना 20 और पुन्हाना खंड में भी लगभग 20 शिक्षा केंद्र शामिल हैं। कार्यक्रम की शुरुआत जिला परियोजना समन्वयक डॉ. अब्दुल रहमान खान और कदम कार्यक्रम के राज्य संयोजक संतोष कुमार यादव ने की। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य ड्राप आउट पूरी तरह से खत्म करना है। ड्राप आउट शिक्षा के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। इस मौके पर एपीसी डॉ अभिषेक, जिला संयोजक गजानंद यादव, उप जिला परियोजना समन्वयक हरीश यादव, राजेश यादव, अभिनव, डॉ. शीतल, स्कूल प्राचार्य सुमित्रा आदि मौजूद रहे।