नोएडा सेक्टर-78 स्थित एसोटेक विंडसर कोर्ट सोसायटी के जे टावर की लिफ्ट में रविवार रात 10 साल की बच्ची करीब 25 मिनट तक फंसी रही। ग्राउंड फ्लोर से 13वें फ्लोर पर अपने फ्लैट में जा रही बच्ची अचानक लिफ्ट के बंद होने से बुरी तरह डर गई। करीब 25 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रही बच्ची के माता-पिता को इस बारे में कोई जानकारी भी नहीं थी। बच्ची ने जोर-जोर से रोना शुरू कर दिया। न तो लिफ्ट में फोन का सिग्नल था और ना ही किसी ने चिल्लाने की आवाज सुनी।
करीब 20 मिनट तक लिफ्ट के अंदर फंसी बच्ची ने चीखना-चिल्लाना जारी रखा। तभी आवाजें सुन कर गार्ड वहां पर पहुंच गए। इसके बाद किसी तरह लिफ्ट का दरवाजा तोड़कर बच्ची को सुरक्षित निकाला गया। हादसे के बाद से बच्ची काफी डरी हुई है। बच्ची के पिता मुकेश गुप्ता ने बताया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी कि बच्ची लिफ्ट में फंस गई थी। लेकिन जब वह डरी व सहमी हुई घर पहुंची तो पूरी बात बताई। उन्होंने बताया कि यदि हादसे के बाद कोई वहां समय पर न पहुंचता तो इस स्थिति में एक बड़ा हादसा हो सकता था।
वहीं सोसयाटी के लोगों का कहना है कि किसी न किसी टावर की लिफ्ट हमेशा ही खराब होती रहती है। आरोप है कि बिल्डर से लिफ्ट समेत अन्य में घटिया सामान व उपकरण का प्रयोग किया है, जिसके कारण ही यह हादसा हुआ है। नोएडा में आए दिन इस तरह के हादसों से लोग डरे हुए हैं।
बहुत डर लगा रहा था, अब लिफ्ट में नहीं जाऊंगी
अकेले लिफ्ट में बहुत डर लग रहा था, अंदर लग रहा था जैसे अब यहां से बाहर निकलना मुश्किल हैं। एक पल तो आस ही खो दी थी कि यहां पर कोई मेरी आवाज सुनेगा। मैंने तय कर लिया है कि कभी भी लिफ्ट में नहीं जाऊंगी।- पीड़ित बच्ची ।