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जिले में पहले दिन 13 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हुई

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नूंह/पुन्हाना/पिनगवां। सरकार के निर्देशानुसार जिले में बृहस्पतिवार से गेहूं की खरीद शुरू हुई। इस दौरान 13,467 क्विंटल गेहूं की आवक हुई। जिसमें सबसे अधिक पुन्हाना अनाजमंडी में साढ़े बारह हजार और सबसे कम तावड़ू में 34 क्विंटल गेहूं खरीदा गया। वहीं नूंह में 658, फिरोजपुर झिरका में 275 क्विंटल गेहूं की आवक हुई। प्रदेश सरकार की ओर से सभी पंजीकृत किसानों को मैसेज के माध्यम से सूचित किया जा चुका था।
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सरकार की आधी अधूरी तैयारियों के चलते किसानों को पहले दिन अपनी फसल बेचने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। नूंह में चार, पुन्हाना में 172 किसानों के गेटपास काटे गए, जबकि पिनगवां अनाज मंडी में एक भी किसान अपनी फसल बेचने नहीं पहुंच सका। जिले में 31 मार्च तक फिरोजपुर झिरका के 1529, नगीना के 1084, नूंह के 3421, पुन्हाना के 4399 और तावडू के 2007 किसानों सहित कुल 11971 किसानों ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया था। फिरोजपुर झिरका में गेहूं के 8 गेट पास और सरसों के 13 गेट पास जारी किए गए, यहां पर 275 क्विंटल गेहूं सरकारी और 239 क्विंटल सरसों की प्राइवेट खरीद हुई।
मार्केट कमेटी पुन्हाना के सचिव शैलेंद्र बंसल का कहना है कि किसान के मंडी पहुंचने से पहले ही उनके पास सरकार की ओर से हर बार शेडयूल आ जाता था, लेकिन इस बार नहीं आया है। इस बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। वहीं जिला उपायुक्त ने भी शुक्रवार को इस समस्या के बारे में सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक बुलाई है।
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पुन्हाना अनाजमंडी के पूर्व प्रधान मंगत राम ने बताया कि करीब 60 रजिस्टर्ड आढ़ती हैं। बृहस्पतिवार को 20-25 लोगों के पास ही अनाज आया है। किसान आजाद का कहना है कि गांव नई में करीब 500 किसान हैं, जिनमें से मात्र चार-पांच ही किसानों के पास मैसेज आया है।
पिनगवां में नहीं आया गेहूं
पिनगवां के आड़ती दिनेश कुमार व अमित कुमार ने बताया कि अनाज मंडी में एक भी किसान गेहूं लेकर नहीं आया। किसानों के पास सरकार की ओर से कोई मैसेज नहीं आया। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सिस्टम को ठीक कर समय पर शेडयूल भेजा जाए।
मैसेज का करते रहे इंतजार
नूंह। किसान कैप्टन चेतराम उजीना, खेमचंद, सुभाष आलदौका आदि ने बताया कि उन्होंने पहले से पोर्टल पर पंजीकरण कराया था। वह अपने मोबाइल पर एसएमएस का इंतजार करते रहे। लेकिन उनको निराशा का ही सामना करना पड़ा। अनाजमंडी के प्रधान गिर्राज, आढ़ती श्याम नागपाल आदि ने बताया कि पहले दिन मात्र चार लोगों के ही गेट पास बन पाए। किसान सुबह से ही मैसेज के चक्कर पर परेशान रहे।
सरकार द्वारा तय दामों पर हो रही खरीद : उपायुक्त
उपायुक्त ने बताया कि सरकार द्वारा गेहूं का 1975, जौ का 1600 व सरसों का 4650 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। सरकार द्वारा गेहूं की खरीद के लिए तीन एजेंसियां हैफेड, वेयरहाउस व एफसीआई और जौ की खरीद के लिए हैफेड व सरसों की खरीद के लिए हैफेड व वेयरहाउस को तय किया गया है। प्रत्येक मंडी में नोडल अधिकारी, ड्यूटी मजिस्ट्रेट आदि की नियुक्ति की गई है।
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