सेक्टर-30 जिला अस्पताल एवं सेक्टर 39 कोविड अस्पताल की सीएमएस डॉ सुषमा चंद्रा ने कहा कि पहले भी बच्चों में कोविड की लहर संबंधी संभावनाएं जताई जा चुकी हैं। लेकिन ओमीक्रॉन के दौरान ऐसा कुछ खतरा सामने नहीं आया था। ओमीक्रॉन के लक्षण हल्के थे एवं अधिकांश मरीजों का इलाज होम आइसोलेशन में ही हो गया। लंबे समय से कोविड अस्पताल में कोई मरीज भर्ती नहीं था, अब एक संक्रमित बच्ची का मामला कोविड अस्पताल में सामने आया है। वहीं स्कूल में बड़ी संख्या में संक्रमित बच्चे मिले हैं। जिसके साथ ही बच्चों के इलाज को लेकर सतर्कता बढ़ी है। कोविड अस्पताल में बच्चों के लिए अलग से वार्ड, आईसीयू की पहले से व्यवस्था रही है। लोगों को बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता है।
चार दिन में यूं बदले हालात
जिले में बच्चे व बड़े दोनों ही नए कोविड मरीजों के मिलने का सिलसिला पूरे सप्ताह जारी रहा है। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी कोविड रिपोर्ट में 3 नए मामलों की पुष्टि हुई है। वहीं 3 लोग संक्रमण से ठीक हुए हैं। जबकि सक्रिय केसों की संख्या 54 है।
दिन नए केस ठीक हुए लोग
11 अप्रैल 3 3
10 अप्रैल 15 12
9 अप्रैल 9 12
8 अप्रैल 10 14
7 अप्रैल 10 15
अभिभावक बोले
बच्चों की सुरक्षा सबसे अहम सवाल है। जब तक कोविड का खतरा है ऑनलाइन पढ़ाई चलनी चाहिए। मेरा एक बच्चा कक्षा 2 व एक 3 में पढ़ता है। स्कूल में कोविड मामले सामने आने के बाद से हम उन्हें स्कूल भेजने से डर रहे हैं।- मधुकर, अभिभावक
स्कूल में बच्चों के साथ लापरवाही नहीं की जा सकती। हाल में ट्रांसपोर्ट को लेकर स्कूल के अंदर अव्यवस्थाएं देखने को मिली थी। ऐसे में कोविड को लेकर कितनी सतर्कता होगी उस पर सवाल उठ रहे हैं। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। - रोहित चन्ना, अभिभावक