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कर्नल चौहान मामले में मुशी गिरफ्तार

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गाजियाबाद और मुजफ्फरनगर के ध्यानार्थ
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सेवानिवृत्त कर्नल को हथकड़ी लगाने का मामला

चौकी इंचार्ज के बाद थाने का मुंशी निलंबित
- सीओ और इंस्पेक्टर का भी हो चुका है तबादला, अभी और कर्मचारियों पर भी गिर सकती है गाज
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। एडीएम की पत्नी से छेड़छाड़ के मामले में सेवानिवृत्त कर्नल की गिरफ्तारी के बाद हथकड़ी लगाने वाले थाने के मुंशी वासिफ अली को एसएसपी ने निलंबित कर दिया है। मुंशी को उच्चतम अदालत के आदेश की अवहेलना का दोषी माना गया है। इससे पहले इसी प्रकरण में सीओ, इंस्पेक्टर का तबादला किया जा चुका है और चौकी इंचार्ज को भी निलंबित किया जा चुका है। उधर, थाने में बीते मंगलवार को दिवस अधिकारी कौन था उसकी भी तलाश हो रही है। यदि वह सही से काम करता तो हथकड़ी लगाई ही नहीं जाती।
सेक्टर-29 निवासी सेवानिवृत्त कर्नल वीरेंद्र प्रताप सिंह चौहान पर एडीएम की पत्नी द्वारा लगाए गए छेड़छाड़ के आरोप में हथकड़ी लगाने के मामले में पुलिस ने मुंशी को दोषी माना है। अधिकारियों की मानें तो जब भी किसी भी मामले का कोई आरोपी गिरफ्तार किया जाता है तो वह थाने के मुंशी की जिम्मेदारी होती है कि उसे किस तरह अदालत भेजा जाए। इसलिए जब कर्नल गिरफ्तार किए गए थे तो मुंशी को तय करना था कि उनको बिना हथकड़ी के ही अदालत तक पहुंचाया जाए। अधिकारियों ने इसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना मानते हुए मुंशी को निलंबित कर दिया है। इससे पहले सीओ अनित कुमार और इंस्पेक्टर मनीष कुमार सक्सेना का तबादला कर दिया गया था और सेक्टर-29 चौकी प्रभारी रहे रवि तोमर को भी इसी मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित किया गया था।
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क्या था प्रकरण
बीते मंगलवार की सुबह रिटायर्ड कर्नल पर एडीएम की पत्नी ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया था और सेवानिवृत्त कर्नल को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। पुलिस ने सेवानिवृत्त कर्नल के खिलाफ पीड़िता की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज करके गिरफ्तार किया था। पुलिस ने अदालत के समक्ष पेश किया था और वहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के बाद अदालत ले जाने के दौरान चोरी के आरोपी के साथ हथकड़ी लगाई थी।
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रिटायर्ड कर्नल ने अमर उजाला को कहा धन्यवाद
जेल से रिहाई के बाद वह सेवानिवृत्त कर्नल अन्य रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों और परिजनों के साथ सेक्टर-29 क्लब पहुंचे। वहां पर सोसायटी के साथी लोगों और उनके परिवार को धन्यवाद देते हुए सभी का आभार व्यक्त किया कि वह सच्चाई के साथ खडे़ हुए थे। उन्होंने मीडिया और विशेषकर अमर उजाला को धन्यवाद दिया कि अगर अमर उजाला समाचार पत्र में यह खबर हथकड़ी के साथ प्रकाशित न होती तो शायद उनको अन्याय सहना पड़ता। उन्होंने कहा कि मंगलवार को सोसायटी में अन्य रिटायर्ड सैन्य अधिकारी-कर्मचारियों और उनके परिवारों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति बनाएंगे। वहीं, परिवार के अन्य सदस्यों का कहना है कि अगर सोसायटी के लोग उनके साथ न होते तो शायद अभी उनको न्याय नहीं मिल पाता।
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पुलिस को हर हाल में होती दिक्कत
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि कर्नल को गिरफ्तार कर लिया है तो उनके पक्ष के लोग पुलिस को गलत मान रहे हैं। जबकि एडीएम की पत्नी की छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज नहीं की जाती तो फिर कहा जाता कि पुलिस एडीएम की पत्नी के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना को दर्ज नहीं कर रही है तो आम लोगों के साथ हुए अपराध में कैसे न्याय दिलाती।
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