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डीएफसीसी यार्ड में एक साथ खड़ी हो सकेंगी 12 मालगाड़ियां

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डीएफसीसी के ईस्टर्न कॉरिडोर का बोड़ाकी में बना हुआ रेलवे स्टेशन - फोटो : Grnoida
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ग्रेटर नोएडा (नवीन कुमार)। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन (डीएफसीसी) के ईस्टर्न कॉरिडोर का यार्ड तैयार हो गया है। चमरावली रामगढ़ से बोड़ाकी के बीच बनाए गए यार्ड में एक साथ 10 से 12 मालगाड़ियां खड़ी हो सकती हैं। यार्ड के साथ ही बोड़ाकी में डीएफसीसी का रेलवे स्टेशन भी बनकर तैयार हो गया है। केंद्र सरकार के आदेश पर डीएफसीसी जून, 2022 तक कॉरिडोर को शुरू करने की तैयारी कर रहा है। कोलकाता से लुधियाना के बीच डीएफसीसी का ईस्टर्न कॉरिडोर बन रहा है। इसका कुछ हिस्सा गौतमबुद्ध नगर से निकल रहा है। खुर्जा से बोड़ाकी तक कॉरिडोर का लगभग 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। रेल लाइन बिछाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। कॉरिडोर का यार्ड भी तैयार हो गया है। यार्ड में पांच रेल लाइन होंगी। इनमें खुर्जा से आ रही दो लाइन भी शामिल है। यार्ड की लंबाई 4.5 किमी है। जहां पर एक साथ 10 से 12 ट्रेन खड़ी हो सकेंगी। एक ट्रेन की लंबाई 1.5 किमी तक रहती है। डीएफसीसी के अफसरों ने बताया कि बोड़ाकी में डीएफसीसी का रेलवे स्टेशन भी बनकर तैयार हो गया है। यहां से ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। यार्ड के अंदर ट्रेन खड़ी होंगी। वहां से उनको अन्य रूटों पर भेजा जाएगा।
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वेस्टर्न कॉरिडोर के यार्ड में होगी लोडिंग-अनलोडिंग
डीएफसीसी के वेस्टर्न कॉरिडोर का यार्ड ग्रेटर नोएडा के साकीपुर गांव के पास बन रहा है। यहां पर ट्रेनों के ठहराव के साथ-साथ लोडिंग-अनलोडिंग का भी काम होगा। ईस्टर्न कॉरिडोर की ट्रेन भी यहां आएगी। हालांकि ट्रेन का ठहराव यार्ड में ही होगा।
जून, 2022 तक शुरू करने का लक्ष्य
खुर्जा से कानपुर के बीच ईस्टर्न कॉरिडोर पर ट्रेनें दौड़ने लगी हैं। खुर्जा से ग्रेटर नोएडा तक भी कॉरिडोर शुरू होना था, लेकिन कुछ जमीन पर कब्जा नहीं मिलने के कारण प्रोजेक्ट समय पर पूरा नहीं हो सका। पहले मार्च, 2021 में प्रोजेक्ट पूरा होना था, लेकिन ग्रेटर नोएडा में 1150 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा नहीं मिलने के कारण देरी हो गई। अब कॉरिडोर को जून, 2022 तक शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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जमीन पर कब्जा मिला तो लगेंगे दो माह
डीएफसीसी को ईस्टर्न कॉरिडोर की करीब 600 वर्गमीटर जमीन पर कब्जा मिलना बाकी है। जबकि किसान मांग पूरी होने के बाद ही कब्जा देने पर अड़े हैं। डीएफसीसी के अफसरों ने बताया कि अगर इस माह जमीन पर कब्जा मिल जाता है तो दो माह में काम पूरा कर लिया जाएगा। जून, 2022 से कॉरिडोर शुरू कर दिया जाएगा।
गौतमबुद्ध नगर में ईस्टर्न कॉरिडोर का करीब 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। अगर किसान जमीन पर कब्जा दे देते हैं तो दो माह में अधूरा काम भी पूरा कर लिया जाएगा। काम पूरा करने के बाद जून, 2022 में कॉरिडोर शुरू किया जा सकेगा। - अखिलेश कुमार, डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर, डीएफसीसी
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