ग्रेटर नोएडा। जिला न्यायालय ने पांच वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म का प्रयास करने के दोषी छिजारसी नोएडा निवासी आशु को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। वर्ष 2017 में पड़ोस में रहने वाले आशु ने बच्ची को रुपये देने का झांसा देकर दुष्कर्म का प्रयास किया था। अपर सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार प्रथम ने दोषी को सजा सुनाई और 10,000 रुपये जुर्माना जमा करने का आदेश दिया।
विशेष लोक अभियोजक जेपी भाटी ने बताया कि वर्ष 2017 में नोएडा के फेज-3 कोतवाली क्षेत्र स्थित पार्क में रुपयों का लालच देकर आशु ने पांच साल की बच्ची को पकड़ लिया और दुष्कर्म का प्रयास करने लगा। बच्ची के चीखने पर मां पहुंच गई। मां ने शोर मचाकर अन्य लोगों को भी एकत्रित कर आशु को पकड़ लिया। पुलिस ने आशु को जेल भेजा और आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अदालत में कुल सात गवाह पेश हुए। बच्ची की मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट को बतौर साक्ष्य कोर्ट में पेश किया गया। गवाह एवं साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आशु को दोषी मानते हुए दस साल के कारावास की सजा सुनाई है।
गैंगस्टर एक्ट में दोषी को चार साल की सजा
ग्रेटर नोएडा। जिला न्यायालय ने गैंगस्टर एक्ट में दोष सिद्ध होने पर भट्टा पारसौल निवासी अनिल को 4 साल की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि जमा नहीं करने पर दोषी को दो माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। विशेष लोक अभियोजक बबलू चंदेला ने बताया कि धोखाधड़ी के मामले में अनिल पर गैंगस्टर एक्ट मेें कार्रवाई की गई। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट मोहर्रिर धीरेेंद्र सिंह ने मामले की पैरवी की। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोना पंवार ने सुनवाई करते हुए दोषी को 4 साल की सजा और 5,000 रुपये जुर्माना भी लगाया। ब्यूरो