नोएडा को पावर सेविंग की आदत डालने के लिए विद्युत निगम ने बड़े उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग प्रणाली में बदलाव किया है।
लेकिन, नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं को खासी परेशानी हो रही है। निगम अधिकारी लगातार बड़े उपभोक्ताओं को पत्रों द्वारा सूचना दे रहे हैं, जिससे बचत करके बिल कम किया जा सके।
अभी तक दस किलोवाट से ऊपर के ग्राहकों को किलोवाट आवर्स (केडब्ल्यूएच) में मीटर की रीडिंग ली जाती है। वहीं, इसे समाप्त करके विद्युत निगम ने किलोवाट एम्पीयर आवर्स (केवीएएच) में मीटर रीडिंग करने का निर्णय लिया है।
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पश्चिमांचल विद्युत निगम के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर अरविंद राजवेदी का कहना है कि नई प्रणाली में पावर फैक्टर का बड़ा योगदान है।
अगर उपभोक्ता बिजली सेविंग पर ध्यान नहीं देता और 0.5 प्रतिशत का अंतर आता है, तो उसका बिल अपने आप बढ़ जाएगा।
नई प्रणाली का उद्देश्य लोगों को बिजली की खपत कम करने की आदत डालना है। दूसरी तरफ, नई प्रणाली को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायत आ रही है कि मीटर रीडिंग में बदलाव आने से बिलों में काफी ज्यादा अंतर आ रहा है।