जिला अस्पताल के आई सर्जन को मरीज की सर्जरी करते समय हार्ट अटैक आ गया। ऑपरेशन थिएटर में पसीना आने और घबराहट होने पर साथी डॉक्टर को शक हुआ। उन्होंने तुरंत ईसीजी कराया। रिपोर्ट में हार्ट अटैक के संकेत मिलने पर आई सर्जन को निजी अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां डॉक्टर की एंजियोप्लास्टी की गई है। आई सर्जन को अभी अस्पताल में ही भर्ती रखा गया है। करीब 42 साल के डॉक्टर की इससे पहले हार्ट से जुड़ी मेडिकल हिस्ट्री भी नहीं है।
साथी डॉक्टरों ने बताया कि मंगलवार दोपहर ऑपरेशन थिएटर में आई सर्जन डॉ. सतेंद्र कुमार को अधिक पसीना आ रहा था। साथी डॉक्टर के पूछने पर पहले तो उन्होंने खुद को सामान्य बताया। कुछ देर बार घबराहट शुरू होने पर उन्हें खड़े होने में भी दिक्कत होने लगी। वहां मौजूद महिला डॉक्टर ने उन्हें ऑपरेशन थिएटर से बाहर निकाला और इमरजेंसी में ले गईं। यहां ईसीजी जांच रिपोर्ट असामान्य आने पर उन्हें तुरंत सेक्टर-137 स्थित फेलिक्स अस्पताल में भर्ती किया गया। यहां कार्डियोलॉजिस्ट की टीम ने उनकी जांच की तो आर्टिरी में 100 फीसदी ब्लॉकेज मिला। इसके बाद उनकी एंजियोप्लास्टी की गई।
फेलिक्स अस्पताल के चेयरमैन डॉ. डीके गुप्ता ने बताया कि साथी डॉक्टर की सूझबूझ और समय पर लक्षण पहचान की वजह से युवा सर्जन की जान बच गई। हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षणों की पहचान करना बहुत जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर खतरा बढ़ जाता है। हार्ट अटैक से ठीक पहले ज्यादातर लक्षण छाती में ही देखने को मिलते हैं। इनमें से छाती में जकड़न या सीने के अंदर कुछ कठोर सा महसूस होता है।