फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida : बच्ची से डिजिटल दुष्कर्म, घटना छिपाने और साक्ष्य मिटाने के दोषी क्लास टीचर और स्कूल एडमिन गिरफ्तार

Fri, 18 Oct 2024 05:44 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा

सार

पुलिस का कहना है कि जांच में दोनों को घटना छिपाने और साक्ष्य मिटाने का दोषी पाया गया है।
विज्ञापन
जांच में जुटी पुलिस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नोएडा सेक्टर-27 स्थित एक निजी स्कूल में प्री-नर्सरी की छात्रा (4) से डिजिटल दुष्कर्म करने के मामले में कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस ने बृहस्पतिवार रात क्लास टीचर और स्कूल एडमिन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि जांच में दोनों को घटना छिपाने और साक्ष्य मिटाने का दोषी पाया गया है।

विज्ञापन


पुलिस के अनुसार, मासूम से स्कूल में सफाईकर्मी ने अक्तूबर के पहले सप्ताह में डिजिटल दुष्कर्म किया था। 8 अक्तूबर को बच्ची रोने लगी और पेट में दर्द होने की शिकायत की। इसके बाद बच्ची को परिजन डॉक्टर के पास ले गए, जहां बच्ची से अश्लील हरकत का पता चला। इसके बाद माता-पिता ने पुलिस से शिकायत की। 

पुलिस ने 10 अक्तूबर को मामला दर्ज कर आरोपी नित्यानंद को गिरफ्तार कर लिया। एडीसीपी मनीष कुमार मिश्रा ने बताया कि जांच के क्रम में क्लास टीचर मधु मेनघानी और स्कूल एडमिन दयामय महतो को गिरफ्तार किया गया है। दोनों को घटना को छुपाने का दोषी पाया गया है। 
विज्ञापन


स्कूल व पुलिस छिपाती रही घटना
10 अक्तूबर को मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर नित्यानंद को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद भी मीडिया से मामले को छिपाने का प्रयास किया गया। सोमवार को मीडिया में यह मामला सामने आया तो इसकी जानकारी दी गई। घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने भी चुप्पी साध ली। मीडिया में मामला आने के बाद स्कूल प्रबंधन ने बयान जारी किया कि 9 अक्तूबर को पुलिस ने स्कूल प्रबंधन से संपर्क किया और घटना की जानकारी दी। पुलिस ने स्कूल के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की, लेकिन घटना से संबंधित कोई साक्ष्य नहीं मिला। 

टीचर ने बच्ची को डराया : परिजन
परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही बरतने व साक्ष्य मिटाने का आरोप लगाया था। परिजनों ने कहा कि घटना के दिन जब बच्ची रोने लगी तो क्लास टीचर को पता चल गया, लेकिन उसने मां से बताने से मना कर दिया। बच्ची को डराया गया। अब कानूनी लड़ाई से दोषियों को सजा दिलाने और अन्य दोषियों का पता लगाया जाएगा।

मीडिया को लिखा पत्र तो हरकत में आई पुलिस 
बृहस्पतिवार सुबह परिजनों ने मीडिया के नाम एक पत्र लिखा जिसमें क्लास टीचर समेत स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। इसके वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में खलबली मची और दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। 

पिता ने बयां किया घटनाक्रम
पिता का कहना है कि 7 अक्तूबर को बेटी को परेशानी हुई तो घटना का पता चला। 8 अक्तूबर को डॉक्टर ने बताया कि बच्ची के निजी अंग से छेड़छाड़ हुई है। मां ने पूछा तो बच्ची ने बताया कि स्कूल में खाना देने वाले अंकल ने स्टोर में कुछ चुभाया। जब बच्ची रोने लगी तो आरोपी भाग गया। इस बीच क्लास टीचर आ गई और बच्ची ने रोते हुए इस घटना की जानकारी दी। इसके बाद टीचर ने उसे डांटकर मां को बताने से मनाकर दिया। अगर स्कूल में टीचर व प्रबंधन इस घटना को गंभीरता से लेता तो उसी दिन आरोपी पकड़ा जाता।

स्कूल से इस घटना से जुड़े साक्ष्य को मिटाए गए हैं। 10 अक्तूबर की शाम को हम बच्ची को लेकर पुलिस के साथ स्कूल गए थे। मौके पर जूनियर विंग के प्रिंसिपल व टीचर नहीं आई थी। जब सीसीटीवी फुटेज की मांग की गई तो स्कूल प्रबंधन की तरफ से बताया गया कि 30 दिन की फुटेज मिल जाएगी। जब सीसीटीवी लेने गए तो टालमटोल कर 14 दिन की ही फुटेज होने की बात कही गई। इसके बाद बताया गया कि घटना वाली जगह का कोई वीडियो नहीं है।

 पिछले माह सेक्टर-12 में भी हुई थी घटना
एक माह पहले सेक्टर-12 स्थित एक निजी स्कूल की जूनियर विंग में भी इसी तरह की घटना सामने आई थी, जब स्कूल के निर्माण कार्य में लगे मजदूर ने एक बच्ची से डिजिटल दुष्कर्म कर दिया था। मामले में पुलिस ने स्कूल की प्रिंसिपल, क्लास टीचर, सुपरवाइजर समेत मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें