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Noida : हादसे के सालभर बाद डीजीएम निलंबित, दो साल पहले दीवार गिरने से हुई थी चार मजदूरों की मौत

Thu, 30 Nov 2023 05:28 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा

सार

तत्कालीन एसीईओ मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई। कमेटी ने शासन को करीब एक वर्ष पहले रिपोर्ट सौंपी थी। 
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suspend demo - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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सेक्टर-21 स्थित जलवायु विहार में 20 सितंबर 2022 को नाले की मरम्मत के दौरान बगल की दीवार गिरने से चार मजदूरों के मौत के मामले में शासन ने प्राधिकरण के डीजीएम श्रीपाल भाटी को निलंबित कर दिया है। तत्कालीन एसीईओ मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई। कमेटी ने शासन को करीब एक वर्ष पहले रिपोर्ट सौंपी थी। 

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दरअसल, नोएडा प्राधिकरण ने नाले की मरम्मत का काम एमडी प्रोजेक्ट एंड कंस्ट्रक्शन को दिया था। काम मिलने के बाद ठेकेदार ने वहां 20 से अधिक मजदूरों को नाले में उतार दिया था। नाले की खुदाई के दौरान बगल की दीवार एकाएक भरभरा कर गिर गई थी। हादसे में 12 मजदूर दब गए थे। एनडीआरएफ और पुलिस की मदद से मजदूरों को मलबे से बाहर निकाला गया। इनमें से चार मजदूरों की मौत हो गई थी। 

प्राधिकरण ने तत्कालीन एसीईओ की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर 15 दिन में रिपोर्ट देने को कहा था। जांच के दौरान प्रथम दृष्टया ठेकेदार और जूनियर इंजीनियर को दोषी माना गया था। मामले में ठेकेदार की गिरफ्तार कर उसकी कंपनी ब्लैक लिस्टेड कर दी गई। साथ ही संविदा पर तैनात जूनियर इंजीनियर को बर्खास्त कर दिया गया था।
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कमेटी ने जांच रिपोर्ट सीईओ के माध्यम से शासन को सौंप दी थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी ने कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद औद्योगिक विकास विभाग के प्रमुख सचिव अनिल सागर ने नोएडा प्राधिकरण के डीजीएम को निलंबित कर दिया।

औद्योगिक विकास विभाग के प्रमुख  सचिव की ओर से डीजीएम को निलंबित किया गया है। दीवार गिरने के मामले में पुरानी जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई हुई है। 
- लोकेश एम, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण

सिविल विभाग की कुर्सी के लिए हमेशा रही खींचतान
सिविल विभाग के प्रमुख की कुर्सी के लिए हमेशा से खींचतान रही है। बीते वर्ष दो वरिष्ठ अधिकारियों के बीच कुर्सी और प्रभाव को लेकर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप चर्चा का विषय रहा। बाद में दोनों अधिकारियों का नोएडा से तबादला हुआ तो डीजीएम श्रीपाल भाटी को कुर्सी मिली। लेकिन पहले दिन से ही यह कुर्सी उनके लिए कांटों का ताज साबित हुई।

बाद में एक अधिकारी के वापस आने के बाद खींचतान बढ़ गई। इस मामले में नोएडा से लेकर लखनऊ तक चर्चा रही। आखिरकार निलंबन के बाद उनकी कुर्सी चली गई। अब देखना है कि इस कुर्सी पर किसकी ताजपोशी होती है।

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