नोएडा विधानसभा उपचुनावों में नोएडा सहित कुल चार सीटों के नाम अनोखा रिकॉर्ड दर्ज होने जा रहा है। नए परिसीमन के बाद गठित इन सीटों को पहली बार में ही उपचुनाव का सामना करना पड़ेगा। जिन सीटों के नाम ये रिकॉर्ड दर्ज होगा, उनमें नोएडा के अलावा सहारनपुर नगर, रोहनिया और बलहा शामिल हैं।
वर्ष 2008 में परिसीमन से हुए बदलाव के बाद इन सभी सीटों का गठन हुआ था। इन पर पहली बार चुनाव 2012 में हुए। सभी चार सीटों की खास बात है कि परिसीमन के बाद पहली बार हुए चुनाव में चयनित विधायक कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए। इसके बाद इनको उपचुनाव का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश में ऐसा पहली बार हो रहा है। इन सीटों पर 13 सितंबर को चुनाव होते ही ये अनोखा रिकॉर्ड दर्ज हो जाएगा। वहीं, 2008 के बाद कुल 22 विधानसभा सीटों को उपचुनाव का सामना करना पड़ा। जबकि 2012 से लेकर अभी तक केवल तीन विधानसभा सीटों पर ही उपचुनाव हुए हैं।
जिन तीन सीटों पर उपचुनाव हुए हैं, उनमें भाटपर रानी, हंड़िया और मांट शामिल हैं। 2008 के बाद अभी तक जितनी भी सीटों पर चुनाव हुए हैं, वे सभी पुरानी सीटें थीं। मतलब कि उन पर कई बार चुनाव हो चुके थे।
गौरतलब है कि परिसीमन के तहत दादरी से अलग कर नोएडा को विधानसभा सीट बनाया गया था। पहली बार 2012 में इस सीट पर हुए चुनाव में डॉ. महेश शर्मा विधायक चुने गए, लेकिन उनके सांसद बनने के चलते ये सीट रिक्त हो गई।