विधानसभा उपचुनाव से पहले नोएडा प्राधिकरण की मंगलवार को बोर्ड बैठक थी। इसमें कई निर्णय जनता के हित में लिए गए।
इससे गरीब से लेकर अमीर तक सभी तबके के लोगों को कुछ न कुछ फायदा ही मिलेगा। एक तरह से प्राधिकरण ने नोएडा के लोगों के लिए तोहफों का खजाना ही खोल दिया है।
नोएडा विधानसभा उपचुनाव अक्तूबर या नवंबर में होने प्रस्तावित हैं। पहली बार ऐसा हुआ है कि प्राधिकरण का हर निर्णय लोगों को प्रभावित कर रहा है। फिरे चाहे गंगाजल लाना हो या विभिन्न तरह की योजनाएं। सबसे अच्छा काम यह हुआ कि 152 सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया गया है।
इसका लाभ नोएडा के हर नागरिक को होगा। जानकार मानते हैं कि प्राधिकरण की अगली बोर्ड बैठक अब उपचुनाव के बाद ही होगी। प्राधिकरण का कोई भी ऐसा निर्णय नहीं है जिससे किसी को परेशानी हो। माना जा रहा है कि शीघ्र ही सपा अपना प्रत्याशी घोषित कर देगी।
इसके लिए बुधवार को प्रदेश सरकार की तरफ से पर्यवेक्षक भी नोएडा में पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और जिसके नाम पर सबसे ज्यादा लोगों की सहमति होगी, उसकी जानकारी हाईकमान तक पहुंचा दी जाएगी।
डॉ. महेश शर्मा के सांसद बनने के बाद नोएडा के विधायक की सीट खाली हुई है। भाजपा के लिए चुनौती यह है कि उसे हर हालत में सीट बचानी है जबकि सपा चाहती है कि इस बार उपचुनाव जीतकर सबको चौंका दिया जाए।
हालांकि, इस बार बसपा मैदान में नहीं है और कांग्रेस के बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता। इस बार भाजपा और सपा में सीधी टक्कर दिख रही है।