नोएडा एयरपोर्ट न सिर्फ देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा, बल्कि अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। यह पेपर व कांटेक्ट लेस होगा। यह पूर्णतया डिजिटल सिस्टम से काम करेगा। देश में यह पहला एयरपोर्ट होगा जिसके एक ही टर्मिनल से प्रवेश और निकासी होगी।
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने बताया कि टिकट बुक करने से लेकर सफर पूरा करने तक सब कुछ मोबाइल से होगा। इसका एप होगा जिससे यात्री टिकट बुक कर सकेंगे। भुगतान भी इसी एप होगा। उस पर क्यूआर कोड होगा, प्रवेश गेट पर दिखाते ही वह स्कैन हो जाएगा और गेट खुल जाएगा। सफर के दौरान भी टिकट की जरूरत नहीं होगी। प्लेन के बारे में पूरी जानकारी भी ऐप से मिलेगी। किसी भी जगह पेपर का उपयोग नहीं होगा और न ही प्रवेश या निकासी के समय किसी कर्मचारी की जरूरत पड़ेगी।
इस एयरपोर्ट पर एक ही टर्मिनल से प्रवेश व निकासी की सुविधा होगी। ऐसा भारत का यह पहला एयरपोर्ट होगा। अभी तक जितने भी एयरपोर्ट बने हैं उसके एक टर्मिनल से निकासी और दूसरे से प्रवेश मिलता है। इससे यात्रियों की भागदौड़ बहुत कम हो जाएगी। उनके समय की बचत होगी। इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर भी एक टर्मिनल से प्रवेश और दूसरे टर्मिनल से निकासी है। नियाल के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने भी कहा कि यह देश का मॉडल एयरपोर्ट बनेगा, जो पूर्णतया डिजिटल तकनीक पर आधारित होगा।
प्रदूषण मुक्त होगा निर्माण कार्य
सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने बताया कि एयरपोर्ट का निर्माण करते समय अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे प्रदूषण की समस्या नहीं होगी। इसके निर्माण में ऐसे मेटल उपयोग होंगे, जिससे कार्बन का उत्सर्जन नहीं होगा और यह पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त होगा।