कोरोना वायरस के प्रसार का पता लगाने के लिए दिल्ली में एक बार फिर सीरो सर्वे की तैयारी शुरू हो चुकी है। आगामी 15 अक्तूबर से दिल्ली के सभी 11 जिलों में सर्वे शुरू हो जाएगा। संक्रमण की स्थिति का आकलन और महामारी से निपटने की रणनीति के लिए पिछला सर्वे एक से सात सितंबर के बीच हुआ था।
दिल्ली में अब तक तीन सीरो सर्वे किए जा चुके हैं। यह चौथा सर्वे किया जाएगा। इससे पहले दिल्ली सरकार ने हर महीने में एक सर्वे कराने का फैसला लिया था। पहले सर्वे में करीब 23 फीसदी लोगों में
एंटीबॉडी मिली थी। दूसरे में 29 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी मिली थी। इनमें से अधिकतर लोग ठीक भी हो गए। ये लोग बिना या हल्के असर वाले संक्रमण की चपेट में आए थे।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस बार भी सर्वे के दौरान लिए गए सैंपल की जांच मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (एमएएमसी) में होगी। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में
कोविड-19 से 39 और मरीजों की मौत हो जाने से मंगलवार को कुल मृतक संख्या बढ़ कर 5,581 हो गई।
क्या होता है सीरो सर्वे
सीरो-सर्वे संक्रामक बीमारियों के संक्रमण की निगरानी करने के लिए कराए जाते हैं। इसे एंटीबॉडी सर्वे भी कहते हैं। इसके तहत रक्त के नमूने लिए जाते हैं। इसके तहत किसी भी संक्रामक बीमारी के खिलाफ
शरीर में पैदा हुए एंटीबॉडी का पता लगाया जाता है। कोरोना वायरस या सार्स-कोवी-2 जैसे वायरस से संक्रमित मामलों में ठीक होने वाले मरीजों में एंटीबॉडी बन जाती है, जो वायरस के खिलाफ शरीर को
प्रतिरोधक क्षमता देती है।
दिल्ली में अब तक के सीरो सर्वे की स्थिति
सर्वे कब से कब तक परिणाम (फीसदी में)
पहला 27 जून से 10 जुलाई 23.5
दूसरा 1 से 07 अगस्त 29.1
तीसरा 1 से 07 सितंबर 25.1