राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर प्रस्तावित फ्लाईओवर का भविष्य नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की एनओसी पर तय होगा। एनएचएआई की एनओसी मिलने पर ही एनएच-58 पर प्रस्तावित फ्लाईओवर निर्माण हो सकेगा।
जीडीए ने करीब छह माह पूर्व एनओसी के लिए एनएचएआई को पत्र लिखा था। अधिकारियों के मुताबिक अभी तक एनएचएआई की एनओसी नहीं मिली है। दूसरी ओर जीडीए ने फ्लाईओवर निर्माण के लिए डीपीआर बनवाने का काम शुरू कर दिया है।
एनएच-58 पर राजनगर एक्सटेंशन चौराहा नया जाम प्वाइंट बन गया है। इसे खत्म करने के लिए जीडीए ने यहां फ्लाईओवर बनाने का फैसला लिया है। बीते दिनों अवस्थापना निधि की बैठक में तीन लेन के फ्लाईओवर निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपये भी मंजूर हो चुके हैं।
अब जीडीए ने फिजीबिलिटी रिपोर्ट के साथ ही डीपीआर बनवाने की प्रक्रिया शुरू की है। जीडीए चीफ इंजीनियर सुशील द्विवेदी ने बताया कि हाईवे पर फ्लाईओवर निर्माण के लिए एनएचएआई की एनओसी जरूरी है।
पत्र लिखा जा चुका है। फिलहाल राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर फ्लाईओवर की फिजीबिलिटी तलाशी जा रही है।