भाजपा नेता नितिन गडकरी के मानहानि मामले में आरोपी दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आखिरकार अदालत में निजी मुचलका भर ही दिया।
कई दिनों से चली आ रही ना-नुकुर के बाद हाईकोर्ट के सुझाव पर वह इस बात के लिए राजी हो गए।
बांड भरने के बाद वह देर शाम तिहाड़ जेल से रिहा हो गए। जेल से निकलने के बाद वह सीधे घर चले गए।
'इसे प्रतिष्ठा का मुद्दा नहीं बनाना चाहिए था'
पटियाला हाउस स्थित मेट्रोपॉलिटन जज गोमती मनोचा के समक्ष केजरीवाल की ओर से पेश वकीलों ने हाईकोर्ट के सुझाव का हवाला देते हुए केजरीवाल का दस्तखत किया हुआ निजी मुचलका पेश किया।
अदालत ने बांड स्वीकार करते हुए केजरीवाल को जमानत पर तिहाड़ जेल से रिहा करने का आदेश जारी कर दिया।
खंडपीठ ने कहा कि केजरीवाल जेल से बाहर आने के बाद जो चाहें, वह कानूनी रास्ता अख्तियार कर सकते हैं, मगर उन्हें इसे प्रतिष्ठा का मुद्दा नहीं बनाना चाहिए।
केजरीवाल को लेने पहुंचे कार्यकर्ताओं को मायूसी
अरविंद केजरीवाल मंगलवार शाम आठ बजे तिहाड़ जेल से बाहर आ गए। वे रात का खाना खाकर जेल से निकले।
केजरीवाल को लेने के लिए राखी बिड़लान, गिरीश सोनी, एचएस फुलका सहित उनकी पार्टी के कुछ अन्य विधायक, नेता और कार्यकर्ता तिहाड़ गेट संख्या चार पर मौजूद थे।
हालांकि उन्हें गेट संख्या एक से बाहर निकाला गया। इस वजह से नेता उन्हें रिसीव नहीं कर पाए।