ओवरलोडिंग के चलते होने वाली बिजली कटौती का असर मेट्रो सेवा पर नहीं पड़ेगा। नोएडा में मेट्रो को बिजली सप्लाई करने वाले सेक्टर-45 स्थित विद्युत उपकेंद्र की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके बाद मेट्रो के साथ ही कई आवासीय और व्यावसायिक सेक्टरों में बिजली आपूर्ति हो सकेगी।
डीएमआरसी (दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन) ने मेट्रो के लिए सेक्टर-38ए में 132 केवी का सबस्टेशन बनाया है। इसके संचालन की जिम्मेदारी डीएमआरसी के कंधों पर है, लेकिन मेट्रो को बिजली की सप्लाई सेक्टर-45 के 132 केवी सबस्टेशन से होती है।
इस उपकेंद्र से मेट्रो के अलावा दो दर्जन आवासीय और व्यावसायिक सहित ग्रामीण इलाकों में बिजली दी जाती है। बिजली की डिमांड बढ़ते ही सेक्टर-45 के उपकेंद्र पर क्षमता से अधिक लोड बढ़ जाता है। गर्मियों में ओवरलोडिंग 50 एंपियर तक पहुंच जाती है।
ऐसे में हर समय मेट्रो पर बिजली संकट का खतरा मंडराता रहता है। इसके लिए नोएडा के सेक्टरों में बिजली कटौती करनी पड़ती है।
इससे निपटने के लिए यूपीपीटीसीएल (यूपी पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड) ने उपकेंद्र की क्षमता बढ़ाकर 220 केवी करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, जमीन की कमी को ध्यान में रख जीआईएस (गैस इंस्यूलेटेड सिस्टम) तकनीकी अपनाई जाएगी। टीडब्यूसी (टेक्निकल वर्क कमेटी) से प्रस्ताव पास हो गया है।
इन सेक्टरों को मिलेगी राहत
सेक्टर-1, 2, 14, 14ए, 16ए, 17, 18, 19, 27, 43, 44, 45, 46, 47, 48, 49, 104, 105, 107, 108, अट्टा गांव, छलेरा, सदरपुर और फिल्म सिटी आदि।