डीसीपी ने बताया कि मेडिकल जांच में कोई पुलिसकर्मी नशे में नहीं पाया गया। हाथापाई के दौरान पांच पुलिस कर्मियों को चोटें आईं हैं। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कर्मियों की ओर से कोई बल प्रयोग नहीं किया गया।
कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग कर रहे पहलवानों के साथ बुधवार (3 मई) रात दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई पुलिस की कथित झड़प में पांच पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए हैं। दिल्ली पुलिस ने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि बुधवार रात जंतर-मंतर पर कोई पुलिसकर्मी शराब के नशे में नहीं था।
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पुलिस ने कहा कि मौके पर पर्याप्त संख्या में महिला कर्मी भी तैनात थीं। प्रदर्शनकारी पहलवानों के खिलाफ कोई बल प्रयोग नहीं किया गया। दूसरी ओर पहलवानों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और कुछ एक रेसलर्स के सिर पर चोटें आई हैं।
मामले की जानकारी साझा करते हुए डीसीपी ने बताया कि मेडिकल जांच में कोई पुलिसकर्मी नशे में नहीं पाया गया। हाथापाई के दौरान पांच पुलिस कर्मियों को चोटें आईं हैं। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कर्मियों की ओर से कोई बल प्रयोग नहीं किया गया। जहां तक एक प्रदर्शनकारी को चोट आने का सवाल है, वह चिकित्सीय सलाह न मानते हुए अस्पताल से चला गया और उसने अभी तक पुलिस को बयान नहीं दिया है।
दिल्ली महिला आयोग (DCW) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा था कि प्रदर्शनकारियों ने उन्हें बताया है कि घटना के वक्त पुलिसवाले नशे में थे। दो पहलवान राहुल यादव और दुष्यंत फोगाट घायल हो गए थे। फोगाट को भी सिर में चोट आई। इस मामले में डीसीपी ने कहा कि लॉ एंड ऑर्डर का मसला था, स्वाति मालीवाल को वहां जाने के रोका गया था। बाद में हिरासत में लेकर सिविल लाइन थाने ले गए फिर छोड़ दिया। दो प्रदर्शनकारियों को चोट आने की बात कही गई, उनका भी मेडिकल कराया गया है। कल के मामले में अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।