दिल्ली से अपने घर जाने के इच्छुक लोग बगैर मेडिकल जांच के नहीं जा सकेंगे। जांच में कोरोना वायरस के संक्रमण से पूरी तरह मुक्त होने के बाद ही घर के लिए सवारी पकड़ने की इजाजत मिलेगी।
दिल्ली सरकार ने जांच का स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार कर लिया है। जिले के चीफ डिस्ट्रिक मेडिकल ऑफिसर (सीडीएमओ) की अगुवाई में चलने वाले अभियान में जिला प्रशासन मददगार होगा।
इससे पहले पिछले हफ्ते दिल्ली से मजदूरों, छात्रों, धार्मिक यात्रियों व पर्यटकों को उनके घर भेजने के लिए दिल्ली सरकार ने विस्तृत एसओपी जारी की थी। इसमें स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया था कि वह इन लोगों की मेडिकल जांच के लिए व्यवस्थित एसओपी तैयार करें।
इसके आधार पर तैयार प्रक्रिया में कहा गया है कि हर जिले के सीडीएमओ स्क्रीनिंग का नोडल अफसर होंगे। वह जिले के एडीएम के नियमित संपर्क में रहेंगे, जिससे अपने घर जाने को इच्छुक लोगों का डाटा स्वास्थ्य विभाग को मिलता रहेगा।
सीडीएमओ अपने अधीन एक चिकित्सक, नर्स, फार्मासिस्ट की टीमें गठित करेंगे। इनकी संख्या संबंधित जिले से घर लौटने को इच्छुक लोगों की संख्या पर निर्भर करेगी। अगर वापस जाने वाले लोग ज्यादा हैं, तो टीमों की संख्या ज्यादा होगी।
इससे जांच बगैर किसी अवरोध के पूरी होगी। जांच के दौरान जिसमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं होगा, उसकी को घर जाने की इजाजत होगी। संक्रमण की आशंका होने पर उसे दिल्ली में 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन में भेज दिया जाएगा।