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डीयू में अस्थायी महिला प्रोफेसरों को मिले मातृत्व अवकाश, हाईकोर्ट में लगाई याचिका

Fri, 29 Mar 2019 06:59 PM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मातृत्व अवकाश के लिए हाईकोर्ट पहुंची डीयू की अस्थायी प्रोफेसर - फोटो : अमर उजाला
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हाईकोर्ट ने एडहॉक महिला शिक्षकों को मातृत्व अवकाश न देने के मामले में दायर याचिका पर दिल्ली विश्वविद्यालय से जवाब मांगा है। यह याचिका डीयू के अरबिंदो कॉलेज में कार्यरत महिला प्रोफेसर ने दायर की है। याचिका में कहा गया कि डीयू अपनी महिला एडहॉक शिक्षकों को मातृत्व अवकाश का लाभ प्रदान नहीं कर रही है।

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न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने याचिका पर नोटिस जारी करने से पहले इस बात पर गौर किया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश व संबंधित कानून के अंतर्गत याची को मातृत्व अवकाश का अधिकार है। कोर्ट ने डीयू के वकील को इस मुद्दे पर निर्देश लाने के लिए कहा है।

कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के लिए 10 अप्रैल की तारीख तय की है। याचिका में कहा गया कि मातृत्व लाभ अधिनियम के मुताबिक याची को छह माह का मातृत्व अवकाश मिलना चाहिए था लेकिन डीयू ने उसे यह लाभ इसलिए नहीं दिया क्योंकि वह स्थायी प्रोफेसर नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि यह लाभ सभी एडहॉक अथवा स्थायी प्रोफेसर को समान रूप से दिया जाएगा।

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विश्वविद्यालय ने दिया ये तर्क

याची का कहना है कि उसने मातृत्व अवकाश प्राप्त करने के लिए चार जनवरी से डीयू को कई पत्र भेजे क्योंकि उसके बच्चे के जन्म की संभावित तिथि 22 फरवरी थी।

उसे डीयू ने कोई जवाब नहीं दिया। इस बीच तीन फरवरी को उसने बच्चे को जन्म दिया। तब से वह बिना वेतन छुट्टी पर है क्योंकि डीयू ने उसके मातृत्व अवकाश को स्वीकृति नहीं दी है।

दूसरी ओर, डीयू के अधिवक्ता ने कहा कि याची एक एडहॉक प्रोफेसर है और उसकी संविदा हर चार माह में रिन्यू की जाती है। उसकी संविदा 18 मार्च को समाप्त हो चुकी है। अपनी स्थायी कर्मचारियों को ही मातृत्व अवकाश देना डीयू का नीतिगत मामला है।
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