अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को अब आय की बजाय मेरिट के आधार पर छात्रवृत्ति जारी की जाएगी। राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली छात्रवृत्ति में यह नियम लागू हुआ है।
जितने ज्यादा आवेदन होंगे, स्कॉलरशिप के लिए उतनी ही हाई मेरिट जारी होगी। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी डा. अमृता सिंह ने बताया कि यह व्यवस्था यूपी में ही लागू हुई है।
फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली किसी भी छात्रवृत्ति व अन्य आर्थिक सहयोग में यह नियम लागू नहीं हुआ है।
उन्होंने बताया कि बजट कम और आवेदकों की संख्या अधिक होने की वजह से प्रदेश सरकार ने यह फैसला किया है। मेरिट की व्यवस्था केवल अल्पसंख्यक विद्यार्थियों के लिए ही लागू हुई है।
मेरिट के आधार पर छात्रवृत्ति होने से होनहार विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई में सहयोग मिलेगा। खास बात यह है कि इसमें किसी तरह की हेरा-फेरी या फर्जीवाड़ा भी नहीं हो सकेगा।
इसके साथ विद्यार्थियों का भी पूरा ध्यान अपनी पढ़ाई पर रहेगा, जिससे उनके रिजल्ट में सुधार होगा।