एनडीआरएफ के मोबाइल एप से लोग अब आपदा सीखने के साथ आपदा के दौरान रेस्क्यू भी कर सकेंगे। एप पर एनडीआरएफ देश भर की सभी खतरनाक इकाइयों और उनसे बचाव की जानकारी भी देगी।
मेजर एक्सिडेंट हैजर्ड (एमएएच) की येलो बुक और पर्यावरण मंत्रालय की महत्वपूर्ण जानकारियां भी इससे हासिल की जा सकेंगी। एप की मदद से आपदा आने पर शहर भर के अस्पताल और उनकी सुविधाओं के बारे में भी जाना जा सकेगा।
देश भर में किसी भी शहर में आपदा आई तो एनडीआरएफ उस शहर या आपदा के बारे में जानने के लिए दस्तावेजों की मदद नहीं लेगा। अब एनडीआरएफ अपने एप के मदद से आपदा में राहत और बचाव कार्य करेगी।
गाजियाबाद स्थित एनडीआरएफ के कमांडेंट पीके श्रीवास्तव ने बताया कि डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) की मदद से एक मोबाइल एप्लीकेशन तैयार किया जा रहा है।
इस एप पर देश की सभी खतरनाक इकाइयों के साथ हास्पिटल और उनकी सुविधाओं का डाटा होगा। किसी खतरनाक इकाई में कोई आपदा आती है तो एप के माध्यम से जाना जा सकेगा कि इकाई में दुर्घटना का कारण क्या हो सकता है।
उस पदार्थ, केमिकल, गैस का पता चलते ही एप से जानकारी लेकर काबू पाया जा सकता है। एप से लोगों को आपदा से निपटने में काफी मदद मिलेगी।
आम आदमी भी इस एप के माध्यम से न केवल आपदा की वजह जान सकेगा, बल्कि सही जानकारी मिलने से वह आपदा का शिकार हुए लोगों की मदद भी कर सकेगा।
एनडीआरएफ को मिलेगी मदद
अभी एनडीआरएफ किसी भी खतरनाक इकाई में आपदा होने पर पहले उस इकाई के बारे में येलो बुक से अध्ययन करती है, मगर एप तैयार होने के बाद इकाई के बारे में टाइप कर सारी जानकारी ले सकेंगे।