हुडा अधिकारियों की लचर कार्यप्रणाली का खामियाजा सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय क्राफ्ट मेले में आने वाले लाखों सैलानियों को भुगतना पड़ेगा।
मेला परिसर आपको खूब चकाचौंध कर सकता है, लेकिन उसके बाहर की हालत देखकर आपको तरस आएगा। यहां पहुंचने वाली मुख्य सड़क ही टूट गई है।
ऐसे में यहां आने वाले लगभग 20 देशों के सैलानियों का शहर को लेकर क्या नजरिया बनेगा, यह आसानी से समझा जा सकता है। तीन दिन में सड़क बनने की कोई संभावना भी नहीं दिख रही है।
वीआईपी गेट पर ही सड़क दुरुस्त नहीं
सूरजकुंड रोड के चौड़ीकरण को लेकर हुडा अधिकारियों की पूरी कार्यप्रणाली ही कठघरे में खड़ी हो गई है, क्योंकि हुडा अधिकारियों ने सड़क के चौड़ीकरण का काम सूरजकुंड मेले को ध्यान में रखकर शुरू नहीं किया। जिसका नतीजा मेले के दौरान देखने को मिलेगा। मेला शुरू होने को महज तीन दिन शेष हैं, लेकिन वीआईपी गेट के बाहर ही सड़क उखड़ी हुई है।
धूल के गुबार से होकर जाना पड़ेगा
मेला परिसर के आसपास सड़क इतनी खराब है कि वहां इस समय भी धूल का गुबार बना हुआ है। जब वाहनों का रेला मेले की तरफ जाएगा तब क्या होगा।
रास्ते में धूल उड़ रही है, ऐसे में वाहन तेज चलाना खतरे से खाली नहीं है।
मेला देखने वालों को इस धूल से एलर्जी होने की संभावना है, क्योंकि यह पत्थरों की धूल है, न कि मिट्टी की।
रेंग-रेंगकर चलेंगे वाहन
अनखीर से लेकर मानव रचना यूनिवर्सिटी तक आपकी गाड़ी रेंग रेंगकर चलेगी, क्योंकि यहां सड़क की एक लेन पूरी तरह खराब है, इसलिए ट्रैफिक एक लेन पर ही चलाया जा रहा है। ऐसे में यह समझा जा सकता है कि जब मेले में हर रोज करीब 40 हजार लोग पहुंचेंगे, तो क्या स्थिति होगी।
पैच वर्क भी शुरू नहीं हो सका
हुडा अधिकारियों ने दावा किया था कि मेला शुरू होने से पहले सुगम यातायात व्यवस्था के लिए पूरी सड़क का पैच वर्क कर दिया जाएगा।
कहीं कोई दिक्कत नहीं आएगी, लेकिन रास्ते को देखने पर यही पता चलता है कि अब तक कहीं भी पैच वर्क नहीं हुआ है।
जाम की समस्या और विकट होगी
इस बार मेले में महा जाम का सामना करने की नौबत आ सकती है। सूरजकुंड रोड पर इस समय ही हर रोज सिद्धदाता आश्रम व सूरजकुंड मेला परिसर के बीच लंबा जाम लगना आम बात हो गई है। ऐसे में इस रास्ते पर सड़क चौड़ीकरण का कार्य अधूरा छोड़ देने के बाद जाम की समस्या और विकट हो जाएगी।