दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में फिलहाल स्नातक प्रोग्राम में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा के आयोजन की कोई योजना नहीं है। विश्वविद्यालय में 2019 सत्र के लिए दाखिले कटऑफ के माध्यम से ही आयोजित किए जाएंगे। डीयू में प्रवेश परीक्षा को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगाते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने यह बात कही।
जावडेकर ने यह भी कहा कि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में 2019 सत्र के दाखिले ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के माध्यम से करने पर भी फिलहाल कोई फैसला नहीं हुआ है। जेएनयू प्रबंधन ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी प्रबंधन से प्रवेश परीक्षा के जरिए दाखिलों को लेकर प्रारंभिक बातचीत की है, लेकिन इस पर अंतिम निर्णय होना अभी बाकी है।
बता दें कि डीयू से संबद्ध कॉलेजों में स्नातक प्रोग्राम के दाखिलों के दौरान सौ फीसदी कट ऑफ पर अक्सर सवाल उठता रहता है। डीयू में दाखिले की हाई कट ऑफ के कारण छात्रों में उपजा तनाव कई बार आत्महत्या तक का कारण बन जा रहा है। इसी कारण छात्रों व अभिभावकों की मांग के चलते सरकार ने 2017 में डीयू प्रबंधन को कट ऑफ घटाने के निर्देश दिए थे, ताकि आम छात्र भी आसानी से दाखिला ले सकें।
सरकार ने सेंट्रल एडवाइजरी बोर्ड ऑफ एजुकेशन (कैब) की बैठक में मॉडरेशन (प्रवेश के दौरान किसी बोर्ड की तरफ से अपने बच्चों को दूसरे बोर्ड के छात्रों के बराबर रखने के लिए दिए जाने वाले अतिरिक्त अंक) की व्यवस्था खत्म करने की योजना भी इसी कारण राज्य सरकारों के साथ साझा की थी। इसकी शुरुआत सीबीएसई बोर्ड ने खुद मॉडरेशन न करने के फैसले से की थी। बैठक में केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल को छोड़कर अधिकतर राज्य मॉडरेशन खत्म करने में सहयोग देने को तैयार थे। दरअसल डीयू की हाई कटऑफ के चलते राज्य शिक्षा बोर्ड सौ फीसदी तक मॉडरेशन कर रहे थे।