विभाग की टीम जब मौके पर गई तो मरीज मिले ही नहीं। दूसरा यह कि मरीजों द्वारा मोबाइल नंबर सही नहीं दिया गया। किसी और का नंबर लिखवा दिया गया। मौके पर जाकर स्थिति कुछ और ही निकली।
वहीं, तीसरी वजह में कुछ निजी लैबों की कारस्तानी सामने आई। उन्होंने जांच कर पुष्टि तो कर दी, लेकिन मरीज का विवरण नहीं दिया।
संक्रमण फैलने का बढ़ा खतरा
मरीजों के न मिलने से संक्रमण फैलने का खतरा भी बना हुआ है। सूत्रों ने बताया कि मरीज को तुरंत आइसोलेट करना बेहद जरूरी है, लेकिन 800 मरीजों को पकड़ न पाना बड़ी गंभीर लापरवाही है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा भी बना हुआ है। लापता हुए मरीज किस-किसकेसंपर्क में आएंगे। यह ढूंढना भी बड़ी चुनौती होगी।
जल्द ही मरीजों को ढूंढ लेंगे
सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने बताया कि मरीजों ने गलत पते या गलत मोबाइल नंबर लिखवा दिए। इस कारण से उनको ट्रेस नहीं किया जा सका है। कुछ मरीज ढूंढ लिए गए हैं। जो रह गए हैं। जल्द ही उन्हें भी ट्रेस कर भर्ती करा दिया जाएगा।