एक साल पूरा होने पर आम आदमी पार्टी (आप) ने आम लोगों के बीच जश्न मनाने की तैयारी की है। 14 फरवरी को सभी विधानसभाओं में कार्यक्रम होंगे।
इस मौके पर स्थानीय विधायक कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों को दिल्ली सरकार के कामों के बारे में बताएंगे। आप सरकार की तरफ से पार्टी ने केंद्रीय स्तर पर किसी बड़े कार्यक्रम की योजना नहीं बनाई है।
इसकी जगह स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम करने की रणनीति है। आप ने अपने विधायकों को हिदायत दे रखी है कि वह अपनी-अपनी विधानसभा में आम लोगों के साथ कार्यक्रमों का आयोजनों करें। इससे लोगों के बीच बेहतर संदेश जाएगा।
जिससे सरकार की उपलब्धियां पहुंचाने में सहूलियत होगी
साथ ही सरकार की उपलब्धियां पहुंचाने में सहूलियत होगी। साथ ही लोगों के बीच से अगर किसी मसले पर कोई सवाल आया तो उसका जवाब देने की भी कोशिश की जाएगी।
इस दौरान गीत-संगीत का भी कार्यक्रम होगा। पांच साल केजरीवाल की धुन पर कार्यकर्ता थिरकते नजर आएंगे। दिल्ली प्रदेश संयोजक दिलीप पांडेय ने बताया कि विधायक अपनी सुविधा के हिसाब से जगह तय कर रहे हैं।
कार्यक्रमों की रूपरेखा भी स्थानीय स्तर पर ही तैयार की गई है। कार्यकर्ताओं के साथ आप का हर विधायक लोगों के बीच एक साल का जश्न मनाएगा।
सरकार के कौन से प्रमुख वादे पूरे-कौन से अधूरे
.बिजली का बिल किया आधा, बिजली के बिल नहीं बढ़े। कैग ऑडिट का काम पूरा, रिपोर्ट जारी करने को लेकर कोर्ट में है मामला।
.पानी माफिया पर अंकुश लगाने के लिए पानी के सभी टैंकर को जीपीएस से लैस किया, जिससे मॉनिटरिंग मोबाइल पर की जा सकती है।
.1984 के सिख दंगा पीड़ितों को इंसाफ दिलाने के नाम पर केन्द्र सरकार से घोषित मुआवजा बांटा।
.महिला सुरक्षा फोर्स के नाम पर डीटीसी बसों में मार्शल की तैनाती।
.जनलोकपाल बिल दिल्ली सरकार ने पास कर दिया लेकिन केंद्र की अनुमति के बिना नहीं बन पाएगा कानून।
.स्वराज विधेयक सरकार नहीं लाई लेकिन उसे टुकड़ों में लागू करने की कोशिश की।
.प्राइवेट स्कूलों की फीस नियंत्रण और दाखिले में पारदर्शिता के विधेयक को मंजूरी दी लेकिन जनता को उसका फायदा मिलना अभी बाकी है।
.शहीदों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा।
.पर्ची पर लिखी गई हर दवा फ्री देने और सरकारी अस्पतालों की कुछ सेवाओं पर लगने वाला शुल्क खत्म।
.प्रदूषण व ट्रैफिक कम करने को सफल सम-विषम स्कीम।
जनता को ये उम्मीदें हैं बाकी
500 स्कूल बनाने का वादा अभी पूरा होना है, सरकार ने 200 स्कूलों की जमीन की पहचान की है, अगस्त, 2016 तक 100 स्कूल बनेंगे।
.सीसीटीवी कैमरे और फ्री वाईफाई का वादा पूरा होने का इंतजार, अभी सिर्फ बसों में हुआ है ट्रायल।
.सुरक्षा बटन नहीं मिला, मोबाइल से जोड़कर बनाने का वादा था।
.अनधिकृत कालोनी का नियमन, प्रॉपर्टी खरीद फरोख्त का वादा नहीं हुआ पूरा।
.अनुबंधित कर्मचारियों को पक्का करने का काम नहीं हुआ पूरा।
.20 हजार सार्वजनिक शौचालय बनाने की दिशा में अभी काफी पीछे सरकार।
.20 डिग्री कॉलेज की स्थापना नहीं हुई।
.बिजली वितरण कंपनियों के बीच प्रतियोगिता के लिए उपभोक्ता को कंपनी चुनने का अधिकार।
.आठ लाख नौकरी: इस दिशा में प्राइवेट कंपनियों का रोजगार मेला मेला लगाने के अलावा नई नियुक्ति बहुत कम।