अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को नीतीश कटारा हत्याकांड के दोषी विकास यादव के खिलाफ कथित तौर पर अपनी शादी की तारीख के बारे में झूठ बोलने के लिए झूठी गवाही (पर्जरी) की कार्यवाही शुरू करने की मांग पर सुनवाई की। कटारा की मां नीलम कटारा ने आरोप लगाया कि विकास ने अपनी शादी 5 सितंबर को होने का दावा किया, जबकि शादी जुलाई में हुई थी और उसने जमानत का लाभ लेने के लिए अदालत में झूठे सबूत पेश किए।
न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा ने विकास यादव, जो हत्या के लिए 25 साल की सजा काट रहा है, से जवाब मांगा। अदालत ने दिल्ली पुलिस को नीलम के आवेदन और उनके द्वारा पेश की गई तस्वीरों की सामग्री की जांच कर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 9 दिसंबर को होगी।
नीलम की ओर से वकील ने दलील दी कि विकास ने झूठी और मनगढ़ंत जानकारी दी और दो तस्वीरें पेश कीं, जो दर्शाती है कि उनकी शादी जुलाई में नोएडा के सेक्टर 74 में हुई थी। विकास के वकील ने दावा किया कि जुलाई की तस्वीरें उनकी सगाई समारोह की थीं और इसकी जानकारी सुप्रीम कोर्ट को भी दी गई थी। 9 सितंबर को हाईकोर्ट ने विकास की अंतरिम जमानत बढ़ाने की याचिका खारिज कर दी थी। विकास को अपनी बीमार मां की देखभाल के लिए सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिली थी। उन्होंने हाल ही में शादी होने के आधार पर अंतरिम जमानत बढ़ाने की मांग की थी।