मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे भारत को सुपर इकोनॉमिक शक्ति बनाने में सहयोग करें। छात्रों को बिजनेस लीडरशिप के गुर सिखाते हुए कहा कि तकनीक, संसाधन के साथ-साथ उद्यमिता भी जरूरी है। जीवन में जो भी कार्य करें उसमें गुणवत्ता से समझौता ना करें।
युवा नौकरी मांगने वाले नही, नौकरी देने वाले बनें। अपने सिद्धांतों से समझौता मत करिए और जीवन में आगे बढ़ने के लिए शॉर्ट कट के रास्ते पर न चलें। जहां चाह है वहां राह है, इस सिद्धांत पर चलते हुए समय को एक महत्वपूर्ण पूंजी मानें। यह बातें केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग, जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में आयोजित बिजनेस कॉन्क्लेव में छात्रों को संबोधित करते हुए कही। तीन दिवसीय इस कार्यक्रम में अमर उजाला मीडिया पार्टनर की भूमिका निभा रहा है।
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मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे भारत को सुपर इकोनॉमिक शक्ति बनाने में सहयोग करें। छात्रों को बिजनेस लीडरशिप के गुर सिखाते हुए कहा कि तकनीक, संसाधन के साथ-साथ उद्यमिता भी जरूरी है। जीवन में जो भी कार्य करें उसमें गुणवत्ता से समझौता ना करें। डिग्री से आदमी पूर्णांक नहीं बनता है। छात्रों को सलाह दी कि जिंदगी में पैसा कमाना चाहिए, यह साध्य नहीं केवल साधन है। इसलिए नौकरी मांगने वाली नहीं नौकरी देने वाले बनो। उन्होंने युवाओं में उद्यमिता के महत्व को भी समझाया। हर व्यक्ति का प्रदर्शन ऑडिट भी जरूरी है। उन्होंने छात्रों में बिजनेस लीडरशिप विकसित करने की भी वकालत की।
क्वालिटी, ईमानदारी, पारदर्शिता किसी भी व्यक्तित्व के अहम अंग हैं। बिजनेस लीडर बनने के लिए हर व्यक्ति को काम और हर व्यक्ति को उचित काम दिया जाना जरूरी है। तकनीक और ज्ञान का प्रयोग कर हम कहां जाएं इस बात का भी ध्यान रखें। इस बात का ध्यान रखें कुछ भी खराब नहीं है बस यह ध्यान रखना है कि कैसे अपशिष्ट को धन में बदला जा सकता है। अपशिष्ट को धन में परिवर्तित किया जा सकता है। कार्यक्रम में उद्योगपति नवीन जिंदल भी छात्रों के साथ रूबरू हुए और उन्हें बिजनेस के गुर सिखाए। उन्होंने कहा कि भारत में उद्यमियों के पास काफी अवसर है जिसका लाभ उठाया जा सकता है।