गर्मी में अलग-अलग कारणों से पैदा होने वाले प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए केजरीवाल सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने समर एक्शन प्लान के सिलसिले में बुधवार को दिल्ली सचिवालय में संयुक्त बैठक की। 16 बिंदुओं पर विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपते हुए नोडल एजेंसियों की नियुक्ति की गई। सभी विभागों को एक सप्ताह में (20 अप्रैल) अपनी कार्ययोजना और सुझाव पर्यावरण विभाग को सौंपने के निर्देश दिए हैं। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि 16 बिंदुओं पर मिलने वाले सुझाव और कार्ययोजना के आधार पर समन एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने बताया कि सर्दियों के मौसम में केजरीवाल सरकार की ओर से लागू विंटर एक्शन प्लान के परिणामस्वरूप दिल्ली में पीएम 10 और पीएम 2.5 की मौजूदगी में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23 के मुताबिक साल 2016 से 2021 के बीच दिल्ली के वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में अच्छे, संतोषजनक और मध्यम श्रेणी के दिनों की संख्या 109 से बढ़कर 160 हो गई है। खराब और बहुत खराब श्रेणी के दिनों की संख्या 217 से घटकर 196, जबकि इस दौरान खतरनाक श्रेणी के दिनों की संख्या भी 26 से घटकर 6 दर्ज की गई। इससे साफ होता है कि दिल्ली में उठाए जा रहे कदमों से पिछले 8 सालो में प्रदूषण स्तर में 30 प्रतिशत की कमी आई है।
पिछले साल की सफलता को देखते हुए इस बार भी केजरीवाल सरकार गर्मियों के लिए नया समर एक्शन प्लान लांच करने की तैयारियों में जुट गई है। इसके तहत दिल्ली के प्रदूषण के नियंत्रण के लिए तात्कालिक और दीर्घकालिक योजनाएं लागू करने के लिहाज से काम किया जाएगा। दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ संयुक्त कार्य योजना बनाने के लिए बैठक में 16 प्रमुख बिंदुओं पर विभागों को विशिष्ट कार्य सौंपे गए हैं। इसे आधार मानते हुए समर एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा।